पीएम मोदी और अमित शाह (फाइल फोटो)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जम्मू-कश्मीर को लेकर एक विजन है। केन्द्रीय गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इसे आगे बढ़ा रहे हैं। पांच अगस्त से जम्मू-कश्मीर में पाबंदियां लगने के बाद अब सरकार जहां धीरे-धीरे इसमें ढील दे रही है, वहीं राज्य के निवासियों को अब विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाने की भी तैयारी कर रही है। केन्द्र सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए संसद का सत्र शुरू होने से महज एक सप्ताह पहले अपने 36 मंत्रियों को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर भेजने का फैसला किया है।
क्या करेंगे केन्द्र सरकार के 36 मंत्री जम्मू-कश्मीर में
18-24 जनवरी के बीच में सरकार के विभिन्न विभागों के 36 केन्द्रीय मंत्री (केन्द्रीय मंत्री, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और राज्यमंत्री) राज्य का दौरा करेंगे। इसमें केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, किरण रिजिजू, श्रीपद नाइक, गिरिराज सिंह समेत तमाम मंत्री होंगे। ये मंत्री राज्य में दो दिन, तीन दिन कुछ मंत्री तीन से अधिक दिन तक रहकर राज्य के लोगों, सिविल सोसाइटी के लोगों से मिलेंगे। राज्य के विभिन्न हिस्सों में जाएंगे।
सुरक्षा अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों से मिलेंगे। सबका हालचाल जानने के साथ-साथ दु:ख दर्द का भी साझा करेंगे। केन्द्र सरकार के एक केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि इससे सभी मंत्री न केवल राज्य की ताजा स्थिति से अवगत होंगे, बल्कि राज्य के उत्तरोत्तर विकास में अपने विभाग की भूमिका को भी दिशा देंगे। ताकि राज्य के लोगों, युवाओं समेत अन्य में विश्वास बहाली के साथ-साथ देश के विकास की मुख्यधारा में तेजी से शामिल होने की इच्छाशक्ति को मजबूती दी जा सके।
भारत विरोधियों का मुंह होगा बंद
- केन्द्र सरकार ने यह योजना ऐसे ही नहीं बनाई है। इससे केन्द्र की योजना एक तीर से कई निशाने साधने की है। संसद का सत्र शुरू हो रहा है। सरकार के रणनीतिकारों को पता है कि बजट सत्र में चर्चा के दौरान जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठना तय है। इस तरह से मंत्रियों के वहां जाने के बाद सरकार को मुद्दे का जवाब देने, संसद के दोनों सदनों में माहौल बनाने में काफी सहूलियत मिलेगी।
- देश के अन्य हिस्सों और खासकर अल्पसंख्यकों में सरकार की छवि तथा जम्मू-कश्मीर को लेकर केन्द्र सरकार की भूमिका पर पैदा हो रहे भ्रम को दूर करने में मदद मिलेगी।
- उच्चतम न्यायालय में जम्मू-कश्मीर में पाबंदी को लेकर याचिका दायर है। केन्द्र सरकार अपने हलफनामें में 36 मंत्रियों के दौरे का जिक्र करके अदालत को राज्य के विकास के प्रति अपनी मंशा की जानकारी दे सकेगी।
दुनिया को मोदी सरकार देगी संदेश
- केन्द्र सरकार ने इसी महीने 15 देशों के राजनयिकों को दो दिन का जम्मू-कश्मीर दौरा कराया था। यह दौरा भारत सरकार द्वारा आयोजित था। इसका उद्देश्य भी राजनयिकों को राज्य की ताजा स्थिति के बारे में अवगत कराना था।
- पाकिस्तान लगातार जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है। भारत सरकार के इस प्रयास से उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झटका लगेगा।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ देश, कुछ संस्थाएं जम्मू-कश्मीर में चल रहे प्रयासों को लेकर मोदी सरकार की मंशा पर सवाल उठाती हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया भी लगातार सरकार को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहा है। मालेशिया, चीन, तुर्की जैसे देशों ने सवाल उठाए हैं। अंतराराष्ट्रीय स्तर पर लगातार एक भ्रम फैलाया जा रहा है कि केन्द्र सरकार देश के मुसलमानों के खिलाफ है। केन्द्र सरकार के रणनीतिकारों को लग रहा है कि इससे सभी के मुंह पर ताला लगाने और उनका भ्रम दूर करने में मदद मिलेगी।