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Karnataka: ठेकेदार आत्महत्या केस में प्रियांक खरगे की प्रथम दृष्टया कोई भूमिका नहीं, मंत्री परमेश्वर का बयान

Wed, 01 Jan 2025 04:25 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक में भाजपा की तरफ से ठेकेदार आत्महत्या मामले में मंत्री प्रियांक खरगे के इस्तीफे की मांग की जा रही है। वहीं इस मामले में राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा है कि इस मामले में प्रथम दृष्टया प्रियांक खरगे की कोई भूमिका नहीं है।
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जी. परमेश्वर, कर्नाटक के गृह मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक के बीदर में एक ठेकेदार की आत्महत्या के मामले में भाजपा की तरफ से मंत्री प्रियांक खरगे के इस्तीफे की मांग के बीच कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने बुधवार को पुलिस विभाग का हवाला देते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया इस मामले में प्रियांक खरगे की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सीआईडी की जांच रिपोर्ट से सच्चाई सामने आ जाएगी। 
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ठेकेदार ने छोड़ा है सात पन्नों का एक नोट
बता दें कि, आत्महत्या करने वाले ठेकेदार ने सात पन्नों का एक नोट छोड़ा है, जिसमें उसने एक व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगाए हैं, जो प्रियांक खरगे का सहयोगी बताया जा रहा है। वहीं इस मामले में भाजपा ने मांग की है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को प्रियांक खरगे से तुरंत इस्तीफा मांगना चाहिए और मामले को सीबीआई को सौंपने के लिए 4 जनवरी की समय सीमा तय की है। ऐसा न करने पर पार्टी ने कलबुर्गी में एक बड़ी रैली आयोजित करने के बाद मंत्री के आवास का घेराव करने की धमकी दी है। 

ठेकेदार ने 26 दिसंबर को की थी आत्महत्या
26 वर्षीय ठेकेदार सचिन मोनप्पा पंचाल ने 26 दिसंबर को ट्रेन के नीचे आकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि प्रियांक खरगे के करीबी सहयोगी राजू कपनूर ने ठेका देने के लिए 1 करोड़ रुपये की मांग करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। नोट में सात अन्य लोगों के नाम भी थे, जिन पर 15 लाख रुपये की रिश्वत लेने के बावजूद ठेका न देकर धोखाधड़ी करने का आरोप था। ठेकेदार ने आरोप लगाया कि 1 करोड़ रुपये न देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। सुसाइड नोट के आधार पर विधायक बसवराज मट्टीमाडु समेत कुछ भाजपा नेताओं की हत्या की सुपारी देने के आरोप में शनिवार को कलबुर्गी में कपनूर और पांच अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
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'मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के निर्देश मानती है पुलिस'
वहीं भाजपा एमएलसी सीटी रवि की तरफ से पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर आरोप लगाने के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कि पिछले महीने बेलगावी में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर के निर्देश पर काम करते हुए, गृह मंत्री ने कहा, डीजीपी इसका जवाब देंगे। उन्होंने कहा, 'पुलिस आमतौर पर मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के निर्देशों का पालन करती है। उनके लिए दूसरों के निर्देशों का पालन करना संभव नहीं होगा। उन्होंने (रवि) आरोप लगाए हैं, डीजीपी इसका जवाब देंगे।'

प्रियांक खरगे के खिलाफ कोई सबूत नहीं- सिद्धारमैया
इधर इस मामले में सीएम सिद्धारमैया ने कहा है कि सिविल कॉन्ट्रैक्टर आत्महत्या मामले में प्रियांक खरगे के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या मामले की जांच के लिए आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को नियुक्त किया गया है और इसकी रिपोर्ट का इंतजार है। पत्रकारों से बात करते हुए सीएम ने कहा, 'उनका (प्रियांक खरगे का) नाम इसमें नहीं है। उनकी इसमें कोई भूमिका नहीं है। उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। फिर भी उनसे इस्तीफा देने के लिए कहा जा रहा है।
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