देश में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव देश में कोरोना की स्थिति को लेकर जानकारियां दीं।
राजेश भूषण ने कहा, 'भारत में पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड संख्या में कोरोना वायरस सैंपलों की जांच की गई है। इनकी संख्या नौ लाख रही।' उन्होंने बताया कि देश में कोरोना वायरस से ठीक होने की दर तेज रफ्तार से बढ़ रही है। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 19.70 लाख से अधिक है। यह संख्या कोरोना के सक्रिय मरीजों से 2.93 गुना ज्यादा है।
डॉ. वीके पॉल ने कहा, 'जहां तक वैक्सीन की बात है, प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को आश्वासन दिया था। वह कह चुके हैं कि भारत में तीन वैक्सीन विकसित की जा रही हैं और ट्रायल के विभिन्न स्तरों में हैं। इनमें से एक आज या कल में ट्रायल के तीसरे चरण में शामिल हो जाएगी।' एक वैक्सीन पहले और एक वैक्सीन दूसरे चरण में है।
भूषण ने कहा, जुलाई महीने के पहले सप्ताह में लगभग दो लाख 30 हजार औसत टेस्ट देशभर में होते थे। अब ये संख्या बढ़कर आठ लाख आठ हजार औसत टेस्ट प्रति सप्ताह हो गई है। देश में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से मृत्यु दर भी दो फीसदी से नीचे गिरकर 1.92 फीसदी पर आ गई है। साप्ताहिक औसत मृत्यु दर 1.94 फीसदी हो गई है।
नीति आयोग के सदस्य डॉ. पाल ने कहा, बीमारी का एक नया आयाम सामने आ रहा है। वैज्ञानिक और चिकित्सकीय समुदाय इस पर नजर रख रही हैं। हमें इस बारे में जागरूक होना होगा कि इसका बाद में भी कुछ प्रभाव पड़ सकता है। लेकिन अभी के हिसाब के दूरगामी परिणाम या प्रभाव खतरनाक नहीं हैं।
कुछ मरीजों में संक्रमण के बाद के लक्षण दिखने के मामलों को लेकर उन्होंने कहा, जैसा कि हम इसे समझ पाए हैं, हम इलाज के उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करेंगे। इसके बारे में अभी सीखा जा रहा है और अध्ययन किया जा रहा है। चिकित्सकीय समुदाय इस पर प्रतिक्रिया दे रहा है।
राजेश भूषण ने कहा कि कोविड-19 के प्रतिदिन नए मामलों और बीमारी के कारण होने वाली मौत के मामलों में 13 अगस्त से गिरावट देखी गई है। हालांकि, मंत्रालय ने कोई ढिलाई बरते जाने को लेकर चेतावनी दी और कहा कि पांच दिन की गिरावट महामारी के संदर्भ में एक छोटी अवधि है।
भूषण ने कहा, '13 अगस्त से प्रतिदिन नये मामलों की संख्या अब लगभग 64 हजार से कम होकर 55,079 हो गई है। इसमें गिरावट का रुझान है। लेकिन महामारी के संदर्भ में पांच दिन का समय छोटी अवधि है और नियंत्रण, जांच और निगरानी में शिथिलता के लिए कोई जगह नहीं है।'
उन्होंने कहा कि प्रतिदिन सात से आठ लाख जांच के सतत स्तर के बाद सक्रिय मामलों का आंकड़ा 10.03 फीसदी से घटकर 7.72 फीसदी हो गया है। देश में इस बीमारी से अब तक 19,77,779 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। इस समय 6,73,166 मरीजों का इलाज चल रहा है और वे चिकित्सा देखरेख में हैं।