राष्ट्रपति चुनाव की रेस में इस बार एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और विपक्षी उम्मीदवार मीरा कुमार हैं, जिसे लेकर कहा जा रहा है कि रामनाथ कोविंद, मीरा कुमार को मात दे सकते हैं। इस चुनावी मैदान में कई बदलाव आए हैं, लेकिन इन सबके बीच पिछले दो दशकों से ये मुकाबला केंद्र और विपक्ष के बीच रह गया है। एक समय ऐसा भी था जब उम्मीदवारों के बीच होने वाला मुकाबला बेहद रोचक हुआ करता था। आइए आपको बताते हैं 1952 से इस मैदान में हो रही लड़ाई का दिलचस्प इतिहास....
2017 का राष्ट्रपति चुनाव 14 वां राष्ट्रपति चुनाव है, इससे पहले चुनाव 1952, 1957, 1962, 1967, 1969, 1974, 1977, 1982, 1987, 1992, 1997, 2002, 2007 और 2012 में हो चुका है। 1952 के चुनाव में पांच उम्मीदवारों की बीच जद्दोजहद हुई, लेकिन ये आकंड़ा 1957 और 1962 में तीन उम्मीदवारों के बीच रह गया।
इस बीच 1967 के चुनाव में करीब 17 उम्मीदवार शामिल हुए। हालांकि, पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन ने करीब 1 लाख वोटों से के सुब्बाराव को मात दी, जबकि करीब 9 उम्मीदवारों को वोट ही नहीं मिले। दो उम्मीदवारों को 125 वोट और अन्य दो को 232 वोट पड़े। दूसरे और तीसरे नंबर पर आने वाले उम्मीदवारों को क्रमश: 1369 और 750 वोट मिले।