देश के अगले राष्ट्रपति के सर्वसम्मति से चुने जाने के आसार बेहद कम हैं। सरकार ने सर्वसम्मति के लिए पहल का दिखावा जरूर किया है। मगर अपनी पसंद के चेहरे से परदा हटाए बिना ही भाजपा विपक्ष से समर्थन मांग रही है।
विपक्ष के नेताओं से मिलकर समर्थन मांगने के दौरान भी भाजपा ने अपने उम्मीदवार के चेहरे पर सस्पेंस बरकरार रखा है। भाजपा नेता एवं सरकार के वरिष्ठ मंत्री राजनाथ सिंह और वेंकैया नायडू ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, सीताराम येचूरी और मुलायम सिंह सरीखे विपक्ष के नेताओं से मुलाकात तो की है।
मगर यहां भी पार्टी ने उम्मीदवार के नाम का पत्ता नहीं खोला है। बिना किसी नाम के ही सरकार ने विपक्ष का समर्थन मांगा है। सरकार के इस प्रयास को विपक्ष अब महज सियासी खानापूर्ति ही मान रहा है। नेताओं की मुलाकात महज चाय पर चर्चा तक ही सिमट कर रह गई है।
आडवाणी, जोशी के सामने भी नहीं खोले पत्ते
राजनाथ सिंह और वेंकैया नायडू ने पार्टी के शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात कर उन्हें राष्ट्रपति चुनाव के लिए शुरू किए गए प्रयासों से अवगत कराया है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा नेताओं ने आडवाणी के समक्ष भी उम्मीदवार के नाम की चर्चा नहीं की है। देर शाम राजनाथ सिंह ने डॉ मुरली मनोहर जोशी के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की है। यहां भी उन्होंने उम्मीदवार के नाम का जिक्र नहीं किया है।
चेहरे के ऐलान के लिए अभी उचित समय नहीं मान रही भाजपा
राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया की बेशक शुरूआत हो गई है। लेकिन अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान करने के लिए इस वक्त को भाजपा अभी उचित नहीं मान रही है। सोनिया से मुलाकात में सरकार के दोनों वरिष्ठ मंत्रियों ने कवायद का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा है कि उम्मीदवार का नाम तय करने से पहले पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष ने इस संपर्क के प्रयास की इच्छा जताई है।
सूत्र बताते हैं कि सरकार और भाजपा अलग-अलग पार्टियों से बिना किसी एक नाम अथवा पैनल के सभी दलों से मशविरा कर रही हैं। सबकी राय और सुझाव जानने के बाद उचित समय पर सत्ताधारी दल के उम्मीदवार के नाम का ऐलान होगा।