राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर सरकार की तरफ से अभी तक कोई नाम सामने नहीं आया है। लेकिन चर्चाओं में कई नाम तैर रहे हैं। एक नाम विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का भी चल रहा है। हालांकि सुषमा स्वराज ने शनिवार को उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया कि वो राष्ट्रपति चुनाव में दावेदार हैं। इन रिपोर्टों को उन्होंने अफवाह बताया है।
उन्होंने कहा, "यह अफवाहें हैं। मैं एक विदेश मंत्री हूं और आप मुझसे कुछ पूछ रहे हैं जो एक आंतरिक मामला है," उनसे जब पत्रकारों ने पूछा कि राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें उम्मीदवार माना जा रहा है। इस पर उन्होंने कहा, "यह अफवाहें हैं। मैं एक विदेश मंत्री हूं और आप मुझसे कुछ पूछ रहे हैं जो एक आंतरिक मामला है"।
इस बीच, भाजपा नेता राजनाथ सिंह और वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि वे तीन-चार दिनों में नाम लेकर आएंगे और अपने सहयोग का अनुरोध करेंगे। ये समर्थन किसी व्यक्ति को दिया जा सकता है जो संविधान को समर्थन दे सकता है। येचुरी ने कहा, "हम निश्चित रूप से ऐसे व्यक्ति के बारे में सोचे होंगे, लेकिन उन्होंने किसी भी नाम का सुझाव नहीं दिया। किसी भी नाम का सुझाव दें। "
राष्ट्रपति चुनाव में आमसहमति का प्रस्ताव लेकर पहुंचे भाजपा नेता राजनाथ सिंह और वैंकेया नायडू की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बातचीत तो हुई है लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी। सत्तापक्ष के प्रतिनिधि के तौर पर विपक्ष को साथ लेकर चलने की परंपरा निभाने पहुंचे भाजपा नेताओं ने चुनाव को लेकर कांग्रेस को तो टटोला लेकिन खुद का पत्ता नहीं खोला। ऐसे में कांग्रेस की आमसहमति को लेकर उठ रही शंका और मजबूत हुई है। कांग्रेस शुरू से ही विपक्ष का उम्मीदवार उतारने की पक्षधर रही है। ऐसे में एक बार फिर संभावना बढ़ गई है कि विपक्ष एनडीए उम्मीदवार के खिलाफ ताल ठोंकेगा।