देश के 15वें राष्ट्रपति का चुनाव करने वाले जनप्रतिनिधियों में महिलाओं की हिस्सेदारी महज 10 फीसदी ही रहेगी। चुनाव सुधार के लिए कार्यरत संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के मुताबिक, होने वाले मतदान के लिए कुल 4,759 सांसद और विधायक पात्र हैं, जिनमें से 477 ही महिलाएं हैं।
इन सांसदों और विधायकों के मतों की संख्या 10,74,364 है और इनमें आधी आबादी के वोटों की तादाद महज 1,30,304 (13 फीसदी) है। यह आंकड़ा इसलिए भी गौर करने लायक है, क्योंकि सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन की ओर से राष्ट्रपति प्रत्याशी खुद महिला (द्रौपदी मुर्मू) हैं और उनका पलड़ा भारी माना जा रहा है।
यूपी में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी
विधानसभाओं में सर्वाधिक महिला मतदाता यूपी में हैं, जहां कुल 83,824 मतों में से उनके पास 9,776 वोट है। बता दें, प्रदेश में 403 विधायकों में से 47 महिलाएं हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल और बिहार का नंबर आता है।
दोनों करोड़पति
मुर्मू के 2014 में ओडिशा विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक, उनके पास दो करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। 14 लाख की देनदारी है। वहीं, सिन्हा का शपथपत्र देखें तो तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है और कोई देनदारी नहीं है।
मुर्मू पर तीन, सिन्हा पर एक मामला
एडीआर ने बताया, मुर्मू पर तीन तो सिन्हा पर एक मामला दर्ज है। इनमें एक भी गंभीर प्रकृति का नहीं है।
राज्यसभा में 14, लोकसभा में 15 फीसदी महिला वोट
- लोकसभा सांसदों के कुल मतों की संख्या 3,79,400 है। इनमें से 81 महिला सदस्यों के 56,700 (15 फीसदी) वोट हैं।
- राज्यसभा के 1,58,200 मतों में से 31 महिला सांसदों के वोटों की हिस्सेदारी 21,700 (14 फीसदी) ही है।