चुनाव आयोग ने रविवार को कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में मत देने वाले सांसदों और विधायकों को मतदान केंद्र के भीतर अपनी कलम ले जाने से मना किया गया है। ये लोग विशेष रूप से डिजाइन किए गए मार्कर से मतपत्र पर निशान लगाएंगे।
हरियाणा में पिछले साल आयोजित राज्यसभा चुनावों के दौरान पैदा हुए स्याही विवाद के बाद चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति चुनाव में मतदान के लिए विशेष कलमों के इस्तेमाल का निर्णय किया है। चुनाव आयोग ने बैंगनी स्याही युक्त विशेष क्रमांक वाली कलमों की आपूर्ति की है। सोमवार के चुनाव में केवल आयोग द्वारा उपलब्ध कराए गए मतदान सामग्री के इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
55 सांसद अपने राज्य विधानसभा से देंगे वोट
निर्वाचन आयोग के दस्तावेज के अनुसार राष्ट्रपति चुनाव में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, गोवा के सीएम मनोहर परिकर समेत 55 सांसद संसद भवन की बजाय अपने राज्य की विधानसभा से मतदान करेंगे। सामान्य तौर पर सांसद संसद में और विधायक संबंधित राज्य की विधानसभा में अपना वोट डालते हैं।
नियमों के अनुसार सांसद आयोग से किसी अन्य स्थान से भी मतदान करने की अनुमति मांग सकते हैं। आयोग के दस्तावेज के अनुसार आयोग ने 14 राज्य सभा सांसदों और 41 लोकसभा सांसदों को सोमवार को संसद में वोट देने के बदले राज्य विधानसभा में वोट देने की अनुमति दी है।