राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार रही मीरा कुमार 40 मिनट तक साथ-साथ बैठे। मगर इस दौरान दोनों की ना तो एक बार निगाहें मिलीं और न ही दोनों ने एक दूसरे से एक बार भी बातचीत ही की।
इस समारोह में कुर्सी तलाशते दिखे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सबसे पीछे की पंक्ति में बैठी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सहारा मिला। ममता ने उन्हें अपनी पार्टी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन से बुलवाया और अपने बगल वाली कुर्सी पर जगह दी। समारोह खत्म होने पर वापस लौट रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब बनर्जी को सबसे पीछे की पंक्ति में बैठे देखा तो बुला कर दो-तीन मिनट बात की।
शपथ ग्रहण समारोह में आगे की पंक्ति में जगह पाने वाले बिहार के सीएम काफी पहले अपनी सीट पर बैठ गए। उनकी बगल वाली सीट मीरा कुमार केलिए आवंटित थी। कुछ ही देर बाद मीरा उनके बगल में बैठ गईं। मगर इन दोनों के बीच एक बार भी बातचीत नहीं हुई।
इस दौरान नीतीश लगातार कुछ पढ़ते देखे गए। जब भी कोई उनसे मिलता तो खड़े हो कर अभिवादन स्वीकार करते और बैठ जाते। गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव में नीतीश ने विपक्ष की उम्मीदवार के बदले राजग उम्मीदवार कोविंद को समर्थन दिया था।
इसी दौरान समारोह स्थल पर पहुंचे केजरीवाल ने कुछ देर तक नेताओं से मुलाकात करते रहे। इसके बाद वहीं खड़े हो कर कुर्सी तलाशते दिखे। सभी मुख्यमंत्रियों को उनकी कुर्सियां बताने वाला कोई भी उनके पास नहीं आया। इसी बीच सबसे पीछे की पंक्ति में बैठी ममता ने सांसद डेरेक को उनके पास भेजा। फिर अपनी बगल वाली कुर्सी पर जगह दी। दोनों नेता आधे घंटे से अधिक समय तक एक दूसरे से बात करते रहे।
शपथ ग्रहण समारोह खत्म होने पर वापस लौट रहे पीएम मोदी की निगाह ममता पर पड़ी। उन पर निगाह पड़ते ही उन्होंने इशारे से उन्हें अपने पास बुलाया। ममता तेजी से उनके पास पहुंची और दोनों के बीच खड़े खड़े ही दो-तीन मिनट बात हुई। समारोह में पीएम मोदी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का भी हालचाल पूछा।