दिल्ली में जल और वायु प्रदूषण पर पिछले कुछ दिनों से जारी सियासी हंगामे के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को विश्वास जताया कि आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थान इस समस्या समाधान ढूंढ लेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से वायु प्रदूषण की समस्या का समाधान ढूंढने के साथ ही आईआईटी और एनआईटी छात्रों और शोधकर्ताओं में संवेदनशीलता जगाएंगे।
राष्ट्रपति ने कहा, हम ऐसी चुनौती का सामना कर रहे हैं, जो पहले कभी नहीं आई। पिछली कुछ सदियों में हाइड्रोकार्बन ऊर्जा ने दुनिया का चेहरा बदल दिया है, लेकिन अब इससे हमारे अस्तित्व पर ही खतरा पैदा हो गया है।
यह चुनौती उन देशों के लिए और विकट हो गई है, जो जनसंख्या के एक बड़े हिस्से को गरीबी से बाहर लाने के लिए संघर्षरत हैं। फिर भी हमें विकल्प तलाशना होगा। सरकार की ओर से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सूचकांक में भारत की रैंकिंग सुधारने का प्रयास करने के बाद अब उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ में सुधार लाना है।