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राष्ट्रपति कोविंद बोले: जलवायु संकट का सामना कर रही दुनिया को जीने की राह दिखा रहा भारत का पारंपरिक ग्रामीण तरीका

Sat, 21 May 2022 11:08 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वडोदरा

सार

गुजरात के वडोदरा में श्री स्वामीनारायण मंदिर की ओर से युवाओं के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि जीवन जीने का भारत का पारंपरिक ग्रामीण तरीका जलवायु संकट का सामना कर रही दुनिया को अहम पाठ पढ़ा रहा है।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को कहा कि भारत के पारंपरिक ग्रामीण जीवन जीने का तरीका वैश्विक समुदाय को पाठ पढ़ा रहा है जो जलवायु परिवर्तन संकट का सामना कर रही है। वह गुजरात के वडोदरा जिले में कुंडलधाम में श्री स्वामीनारायण मंदिर की ओर से आयोजित युवा शिविर को संबोधित कर रहे थे। 

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उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में भारतीय वैदिक सनातन संस्कृति के जीवन-मूल्यों को स्थापित करने के पवित्र उद्देश्य के साथ आयोजित शिविर को संबोधित करते हुए मैं प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि जलवायु संकट की चुनौतियों का सामना कर रहे विश्व को भारत जीवन जीने की राह दिखा रहा है।

'पर्यावरण को बचाकर मानवजाति को बचा सकते हैं'
देश के पहले नागरिक कोविंद ने कहा कि हम सब पर्यावरण की सुरक्षा करके और प्रकृति के साथ संतुलित तरीके से अच्छा व्यवहार करके अपनी धरती को बचा सकते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि नदियों, तालाबों, पेड़ों, बीजों, गायों और सभी जीवित प्राणियों की सुरक्षा करके मानवजाति को भी बचाया जा सकता है।
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राष्ट्रपति ने पर्यावरण संरक्षण के लिए मंदिर की ओर से उठाए गए कदमों की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समाज और देश के विकास की यात्रा में युवा बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके लिए एक सरल और व्यसनों से मुक्त जीवन सुनिश्चित करने के लिए उन्हें उचित दिशानिर्देश देने की आवश्यकता है। 

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