राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि आज का युवा नौकरी तलाशने की जगह नौकरी देने वाला बन रहा है। लिहाजा यह कहना उचित होगा कि आज का युवा कल का इतिहास निर्माता है। देश का भविष्य युवाओं के उद्यम और दृढ़ संकल्प पर निर्भर करता है।
दिल्ली के विज्ञान भवन में शनिवार को माई होम इंडिया की तरफ से आयोजित किए गए युवा सम्मेलन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शिरकत की। सम्मेलन में बोलते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि किसी भी देश का भविष्य युवाओं पर टिका होता है। उनकी क्षमता और प्रतिभा ही देश को गौरवान्वित करने में अहम भूमिका निभाती है। दुनिया में भारत ही सबसे ज्यादा युवा वाला देश है।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि आज का युवा नौकरी तलाशने की जगह नौकरी देने वाला बन रहा है। लिहाजा यह कहना उचित होगा कि आज का युवा कल का इतिहास निर्माता है। देश का भविष्य युवाओं के उद्यम और दृढ़ संकल्प पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को हर अवसर का लाभ उठाते हुए देश के विकास और प्रगति में ज्यादा से ज्यादा अपना योगदान देना चाहिए।
इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि कौशल हासिल कर युवा उसी के अनुसार अपना करियर निर्धारित करें। यह युग विशेषज्ञताओं का है। शीर्ष पर पहुंचने के लिए युवाओं में तकनीकी और विशेषज्ञता होनी बेहद जरुरी है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में 29 जून 2022 तक 103 यूनिकॉर्न स्थापित किए गए हैं, इनका कुल मूल्यांकन लगभग 336 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। दुनिया के हर दस में से एक यूनिकॉर्न भारत में है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में 47 कंपनियों ने मई 2022 तक डेकोकॉर्न का दर्जा प्राप्त किया है। जिनमें से चार भारतीय स्टार्ट-अप हैं। तीन स्टार्ट अप युवाओं द्वारा चलाए जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने वैश्विक स्तर पर परेशानियां खड़ी की थी, लेकिन देश के युवा उद्यमियों ने हौसला नहीं खोया और प्रतिभा का एक उदाहरण पेश किया। भारत की सभ्यता और संस्कृति विश्व में हमें अलग करती है। यह बहुत ही पुरानी है। भारत ने हमेशा अनेकता में एकता के सिद्धांत को अपनाया है। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि माई होम इंडिया राष्ट्रीयस्तर पर एकता और अखंडता की भावना का प्रचार कर रही है। यह बेहद खुशी की बात है। राष्ट्रवाद को फैलाना युवा सम्मेलन एक सराहनीय प्रयास है।