राष्ट्रपति ने कहा, हम एक ऐसे युग में रह रहे हैं, जहां इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को प्रोत्साहित किया जाता है। उम्मीद है कि यह संस्थान छात्रों को जीवन जीने का नया नजरिया भी देगा।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को महाराष्ट्र के नागपुर में नए आईआईएम परिसर का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि यह संस्थान सिर्फ शैक्षणिक प्रशिक्षण का मैदान न रहकर छात्रों को जीवन जीने का नया नजरिया भी देगा।
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उन्होंने कहा नए संस्थान के लिए मैं केंद्र व राज्य सरकार को बधाई देता हूं। हम एक ऐसे युग में रह रहे हैं, जहां इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को प्रोत्साहित किया जाता है। उम्मीद है यह संस्थान छात्रों को ऐसी मानसिकता देगा, जिससे वे नौकरी करने वाले नहीं नौकरी देने वाले बनेंगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और धमेंद्र प्रधान के अलावा महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितिन राउत व सुभाष देसाई भी मौजूद रहे।
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में यूनिकॉर्न और स्टार्टअप की दमदार उपस्थिति देश के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। राष्ट्रपति ने नागपुर में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के स्थायी कैंपस का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में यह उम्मीद जताई।
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राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि शिक्षण संस्था महज एक सीखने का केंद्र नहीं है। यह वह स्थान है, जहां हरेक के भीतर छुपी प्रतिभा को बाहर निकाला और उन्हें निखारा जाता है। पाठ्यक्रम हमें अपने अंदर आत्ममंथन का अवसर देता है और हमें अपने सपनों और महत्वाकांक्षा को पूरा करने का उद्देश्य देता है। उन्होंने कहा कि हम उस दौर में रह रहे हैं, जहां नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहन व प्रशंसा मिलती है।
उन्होंने कहा कि कई यूनिकॉर्न या स्टार्टअप ने सफलता की शानदार गाथा लिखी हैं। इसने खाना डिलीवर करने से लेकर पुरानी वस्तुओं को लेने तक के कई नए अवसरों के द्वार खोले हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि नवाचार और उद्यमिता दोनों में तकनीक के जरिये लोगों के जीवन को सुगम बनाने की क्षमता है। इसके अलावा लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की भी क्षमता है। राष्ट्रपति ने कहा कि देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। ऐसे में हरेक नागरिक का यह कर्तव्य होना चाहिए कि वह सभी लोगों की बेहतरी के लिए कदम उठाए।