आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अयोग्य करार दे दिया है। रविवार को ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में चुनाव आयोग की सिफारिश को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति की मुहर के बाद इस निर्णय की अधिसूचना जारी कर दी गई है। बता दें कि केजरीवाल ने इन 20 विधायकों को संसदीय सचिव बनाया गया था।
इसमें चुनाव आयोग की कार्रवाई असंवैधानिक व अलोकतांत्रिक बताया गया था। बैठक में तय हुआ था कि विधायक अपना पक्ष रखने के लिए अब राष्ट्रपति का दरवाजा खटखटाएंगे। बैठक में 20 विधायकों के साथ उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे थे, हालांकि विधायकों के कोर्ट पहुंचने से पहले ही राष्ट्रपति ने अपना फैसला सुना दिया।
हालांकि सिसोदिया का दावा था कि आयोग ने बगैर हमारे विधायकों की सुने ही उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है। यह किसी भी तरह लोकतांत्रिक नहीं है। सिसोदिया ने कहा था कि हम राष्ट्रपति से इस मामले में समय लेंगे।