;चार दिन की यात्रा पर जाएंगे राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी
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भारत-चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मंगलवार को चीन के चार दिवसीय दौरे पर रवाना होंगे। इस दौरान वह चीन द्वारा एनएसजी मेें भारत की सदस्यता का विरोध करने का मुद्दा भी उठा सकते हैं।
राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहला मौका है, जब प्रणब मुखर्जी चीन का दौरा कर रहे हैं। अपने चार दिवसीय दौरे पर राष्ट्रपति मुखर्जी अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से मिलेंगे। इसके अलावा वह यहां के प्रधानमंत्री ली केचियांग व अन्य वरिष्ठ नेताओें से भी वार्ता करेंगे। राष्ट्रपति सबसे पहले गुआंग्जु पहुंचेंगे। यहां वह भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे। वह भारत-चीन बिजनेस फॉरम को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद वह गवर्नर से मुलाकात करेंगे और बीजिंग के लिए रवाना होंगे।
इस दौरान दोनों देशों के बीच कई करार होने की उम्मीद है। अपने दौरे के दौरान प्रणब मसूद अजहर पर यूएन प्रतिबंध लगाने का विरोध करने को लेकर बात कर सकते हैं। सीमा विवाद का मुद्दा भी वह ड्रैगन के सामने उठा सकते हैं। अपना दौरा शुरू करने से पहले सोमवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दोनों देशों से आतंकवाद की चुनौती से निपटने के लिए साथ आने की बात कही।