देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को देश की संसद व विधानसभाओं के अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि एक संसदीय लोकतंत्र में सत्ताधारी पार्टी के साथ-साथ विपक्ष भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने आगे कहा कि इसलिए सत्तापक्ष व विपक्ष दोनों को सामंजस्य सुनिश्चित करना चाहिए और सदन में सार्थक चर्चा में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि लोग उम्मीद करते हैं कि विधानसभाओं में जनप्रतिनिधि तय मानदंडों, प्रक्रियाओं के अनुसार व्यवहार करें।
संसद व विधान मंडलों की जिम्मेदारी बढ़ी
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का अनुचित भाषा और व्यवहार लोगों की भावनाओं को आहत करता है। राष्ट्रपति ने आगे कहा कि हमारे देश की संसद और विधानसभाएं हमारे संसदीय व्यवस्था के आधार हैं। उन पर देशवासियों के नियति के निर्धारण का महत्वपूर्ण दायित्व है। पिछले कुछ दशकों में लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं के बढ़ने से संसद और विधानमंडलों की जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।
उपराष्ट्रपति नायडू ने जताई चिंता
वहीं उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि कुछ न्यायिक आदेश उसके दायरे से बाहर प्रतीत होती हैं। पटाखों और एनजेएसी पर अदालत के आदेशों का हवाला देते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि ये चिंता जताई गई है कि वे विधायी, कार्यकारी क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं।
लोस स्पीकर बिड़ला बोले, राष्ट्र निर्माण का संकल्प लें
वहीं अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला भी शामिल हुए। उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा मकसद जनता के हितों का संरक्षण करना है। अपनी-अपनी संस्थाओं के माध्यम से काम करने के लिए हमारे पास काफी शक्तियां उपलब्ध है। आइए इस अवसर पर हम सब नई ऊर्जा के साथ राष्ट्र निर्माण का संकल्प लें।
80 वें सम्मेलन का आयोजन गुजरात में
बता दें कि अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का 80वां संस्करण गुजरात में आयोजित किया गया है। इसका आयोजन नर्मदा जिले के केवडिया गांव में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के निकट टेंट सिटी में हुआ। इस सम्मेलन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और लोकसभी स्पीकर ओम बिड़ला शामिल हुए।