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Nikos Christodoulides India Visit: पश्चिम एशिया से दिल्ली आएंगे राष्ट्रपति निकोस, भारत-साइप्रस संबंध पर जोर

Tue, 03 Feb 2026 01:45 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स मई के अंतिम सप्ताह में भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ सकते हैं। उनका यह यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेंगा। इसके साथ ही अगले महीने में साइप्रस के विदेश मंत्री भी भारत आ सकते हैं। 
 
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साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स - फोटो : ANI
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विस्तार
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साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स मई के अंतिम सप्ताह में भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। भारत में साइप्रस के उच्चायुक्त इवागोरस व्रायोनाइड्स ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेंगा। 

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अगले महीने साइप्रस के विदेश मंत्री भारत आएंगे
साइप्रस द्वारा यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता शुरू करने के अवसर पर पीटीआई वीडियो से बात करते हुए, व्रायोनाइड्स ने कहा कि उच्च स्तरीय बैठकों की एक श्रृंखला दोनों पक्षों के बीच गहरी होती साझेदारी को दिखाती है। उन्होंने घोषणा कि साइप्रस के विदेश मंत्री अगले महीने भारत की यात्रा करने वाले हैं, जिसके बाद मई में राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स की यात्रा होगी। उच्चायुक्त ने कहा, "काफी गतिविधियां हो रही हैं। इसके साथ ही कई द्विपक्षीय दौरे हो रहे हैं, जो साइप्रस और भारत के बीच मजबूत प्रतिबद्धता और राजनीतिक जुड़ाव को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी के पिछले साल के यात्रा का जिक्र किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले साल जून में साइप्रस यात्रा का जिक्र करते हुए, व्रायोनाइड्स ने कहा कि यात्रा के दौरान एक संयुक्त कार्य योजना पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसमें अगले पांच वर्षों में सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई थी।वउन्होंने कहा, "इन क्षेत्रों में पर्यटन, वाणिज्य, शिक्षा, डेस्टिनेशन वेडिंग, फिल्म उद्योग और रक्षा शामिल हैं।" साइप्रस ने 2026 के पहले छह महीनों के लिए यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता ग्रहण की। व्रियोनिड्स ने कहा “हमारा मुख्य विषय स्वायत्तता है, रक्षा में स्वायत्तता, व्यापार में स्वायत्तता और सामाजिक मुद्दों में स्वायत्तता। साइप्रस इन सभी प्राथमिकताओं को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम करेगा।” उन्होंने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के रणनीतिक महत्व पर भी जोर दिया। इसे "भारत और यूरोप के बीच संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से सबसे आशाजनक भू-रणनीतिक पहल" बताया।
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व्रायोनाइड्स ने कहा कि साइप्रस भूमध्यसागरीय क्षेत्र के साथ-साथ गाजा, यूक्रेन, वेनेजुएला, ग्रीनलैंड और दुनिया के अन्य हिस्सों में हो रहे घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहा है। उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे हम अपने पड़ोस और उससे परे की घटनाओं के साथ एक नई विश्व व्यवस्था को उभरते हुए देख रहे हैं, हम खुद को ऐसे घटनाक्रमों के प्रभाव में पाते हैं जो वैश्विक मामलों पर गहरी चिंता पैदा करते हैं।"

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