राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी दो दिनी असम यात्रा के अंतिम दिन आज शक्तिपीठ कामाख्या मंदिर में पूजा की। उन्होंने अपनी बेटी इतिश्री मुर्मू के साथ देवी मंदिर की परिक्रमा भी की। गुरुवार को उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गुवाहाटी (IIT Guwahati) में विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था।
राष्ट्रपति मुर्मू के आज कामाख्या मंदिर दौरे के वक्त असम के राज्यपाल जगदीश मुखी, मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा भी मौजूद थे। इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने इस साल की शुरुआत में हुए राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार के दौरान कामाख्या देवी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया था। कामाख्या मंदिर के पुजारी ने बताया कि राष्ट्रपति और उनकी बेटी ने आज मंदिर के गर्भगृह में पूजा की और परिक्रमा की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा द्वारा उन्हें ‘राज्य की बेटी’ कहकर संबोधित करने से वह भाव विभोर हो गईं और मुख्यमंत्री ने उन्हें घर जैसा महसूस कराया। मुर्मू ने विभिन्न विकास परियोजनाओं, विशेष रूप से चाय श्रमिकों और महिला सशक्तीकरण के लिए असम सरकार के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में डिजिटल माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद कहा कि केंद्र बुनियादी ढांचे, संपर्क और अन्य सभी क्षेत्रों को बढ़ावा देकर अपना योगदान दे रहा है। इस दौरान अन्यों के अलावा राष्ट्रपति ने गुवाहाटी-लुमडिंग ट्रेन के शोखुवी (नगालैंड) और मेंदीपाथर (मेघालय) के लिए विस्तारित मार्ग के लिए ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे यह पूर्वोत्तर के दो राज्यों को जोड़ने वाली पहली सीधी ट्रेन सेवा बन गई।
इससे पहले उन्होंने अपनी त्रिपुरा यात्रा के दौरान भी रेल सेवाओं की शुरुआत की थी। पूर्वोत्तर में अब धीरे-धीरे रेल का जाल बिछ रहा है। कनेक्टिविटी बढ़ रही है। अब रेल की पटरियों से पूर्वोत्तर के विकास की नई इबारत लिखने की कोशिश की जा रही है।
राष्ट्रपति ने पदभार ग्रहण करने के बाद असम की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन उन्होंने कहा कि कल रात नागरिक अभिनंदन में मुझे ‘राज्य की बेटी’ संबोधित करने के लिए मैं मुख्यमंत्री को धन्यवाद देना चाहताी हूं। मैं भाव विभोर हो गई हूं। यहां जो स्वागत मिला है, उसने मुझे घर जैसा महसूस कराया है और मैं जल्द ही आऊंगी। मुर्मू ने चाय बागान श्रमिकों के विकास के लिए राज्य सरकार की पहल की प्रशंसा की और डिजिटल माध्यम से चाय बागान क्षेत्रों में 100 मॉडल माध्यमिक विद्यालयों की आधारशिला रखी।
उन्होंने महिला सशक्तिकरण की पहल की सराहना करते हुए कहा कि अपनी महिलाओं का सम्मान करने वाला समाज सभ्य माना जाता है और 3000 मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों का उल्लेख किया, जिनकी आधारशील रखते हुए उन्होंने उसी दिशा में इसे एक कदम बताया। उन्होंने कहा, बुनियादी ढांचा विकास का आधार है। असम केंद्र सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के केंद्र में है और राज्य के बुनियादी ढांचे में सुधार पर जोर दिया जा रहा है।
राष्ट्रपति ने गुवाहाटी-लुमडिंग ट्रेन के शोखुवी (नगालैंड) और मेंदीपाथर (मेघालय) के लिए विस्तारित मार्ग के लिए ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे यह पूर्वोत्तर के दो राज्यों को जोड़ने वाली पहली सीधी ट्रेन सेवा बन गई। अब रेल की पटरियों से विकास की नई इबारत लिखने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने लगभग 16.5 किलोमीटर की दूरी पर अगथोरी में दो राजमार्ग परियोजनाओं और आधुनिक कार्गो-सह-कोचिंग टर्मिनल के अलावा, सिलचर के मोइनारबोंड में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के रेल-फेड पेट्रोलियम स्टोरेज डिपो का भी उद्घाटन किया। उन्होंने शुक्रवार की सुबह यहां कामाख्या मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की।
बतौर राष्ट्रपति पहली असम यात्रा
राष्ट्रपति के रूप में पहली असम यात्रा के तहत मुर्मू गुरुवार को गुवाहाटी पहुंची थीं। उन्होंने आईआईटी-गुवाहाटी में एक कार्यक्रम में डिजिटल माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया था। इनमें प्रमुख रूप से राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत सुपरकंप्यूटर सुविधा, 'परम कामरूप' का उद्घाटन और आईआईटी गुवाहाटी में उच्च शक्ति वाले माइक्रोवेव घटकों के डिजाइन और विकास के लिए एक प्रयोगशाला शामिल है। गुरुवार शाम को असम सरकार ने उनका नागरिक सम्मान किया था।