प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कैबिनेट से नजमा हेप्तुल्ला और जीएम सिद्देश्वरा की छूट्टी कर दी है। दोनों ही मंत्रियों को राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है। नजमा के इस्तीफे के बाद मुख्त्तार अब्बास नकवी का कद बढ़ाते हुए उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय में स्वतंत्र प्रभार का जिम्मा दिया गया है। तो सिद्देश्वर का विभाग बाबूल सुप्रियो को सौंपा गया है।
सुप्रियो को शहरी विकास, मकान और गरीबी उन्मूलन मंत्रालय से हटाकर उन्हें भारी उद्योग मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया है।
इस्तीफा देने वाले दोनों मंत्रियों की छूट्टी 5 जुलाई को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के दिन ही तय मानी जा रही थी। लेकिन विस्तार का संदेश गलत न जाए इसलिए नजमा का इस्तीफा तब नहीं लिया गया।
तो सिद्देश्वर ने अपने जन्म की दिन की दूहाई देकर इस्तीफे के लिए दो-चार दिन का वक्त मांग लिया था। विस्तार के दिन 5 जुलाई को उनका जन्म दिन था। इस अवसर पर उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में बड़ा कार्यक्रम रखा था। जन्मदिवस के आयोजन पर क्षेत्र की जनता में गम का संदेश न जाए।
इससे बचने के लिए सिद्देश्वरा ने भाजपा आलाकमान से दो-चार दिन का वक्त मांगा था। पीएम ने उनपर सहानभूति दर्शाते हुए उन्हें कुछ दिन का मोहलत दे दिया था। अब मोदी ने विदेश से लौटते ही दोनों मंत्रियों के त्याग पत्र को महामहिम को भेज दिया। जिसे राष्ट्रपति ने मंगलवार शाम को स्वीकार कर लिया।