राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को कहा कि 2025 तक जीडीपी के दोगुना होने की संभावना से भारतीय अर्थव्यवस्था एक नई ऊंचाई छूने को तैयार है। उन्होंने यहां चार्टर्ड अकाउंटेंटों के शीर्ष संस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के रजत जयंती समारोह की शुरुआत करते हुए कहा कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 2025 तक 5 लाख करोड़ डॉलर का आंकड़ा छू लेने की संभावना बन रही है।
राष्ट्रपति ने न्यायिक कराधान प्रणाली के अनुपालन की अहमियत सरकार को राजस्व उपलब्ध कराने से भी कहीं ज्यादा होने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंटों का एक अहम रोल है। वे कर दाताओं और कराधान प्रणाली के समन्वयक हैं। इस मौके पर कॉरपोरेट मामलों के राज्यमंत्री पीपी चौधरी ने उपस्थिति चार्टर्ड अकाउंटेंटों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह संबोधन याद दिलाया, जिसमें उन्हें समाज की आर्थिक व्यवस्था का डॉक्टर बताया गया था।
उन्होंने सरकार की काले धन के खिलाफ लड़ाई के दौरान करीब 2.25 लाख शैल कंपनियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दिए जाने की भी जानकारी दी। संचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने करीब 2.80 लाख सदस्यों वाले आईसीएआई से आग्रह किया कि शैल कंपनी बनाने में सहयोग करने वाले लोगों को अपने ढांचे से दूर करने का आग्रह किया। इस दौरान आईसीएआई के अध्यक्ष नवीन एनडी गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2022 में वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ अकाउंटेंट्स के आयोजन की जिम्मेदारी भारत को दी गई है।