Rashid Ali Dar and sindhu sharma.
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में दो नए जजों की नियुक्ति वारंट जारी कर दिए हैं। संभावना है राज्यपाल एनएन वोहरा दोनों जजों को सोमवार को शपथ दिला सकते हैं। राज्य में पहली बार महिला एडवोकेट सिंधू शर्मा को नया जज बनाया जा रहा है।
वारंट जारी होने के साथ ही जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट को 90 सालों में पहली महिला जज मिली है। एडवोकेट सिंधू इस समय असिस्टेंट सॉलीसिटर जनरल ऑफ इंडिया हैं। सिंधू जम्मू-कश्मीर की पहली महिला हैं, जो हाईकोर्ट की जज बनेंगी। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की स्थापना वर्ष 1928 में हुई थी। पिछले 90 वर्षो में एक भी महिला जज नहीं रहीं। इस दौरान हाईकोर्ट के 107 जज रहे, लेकिन इनमें कभी कोई महिला शामिल नहीं रही। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पद से सेवानिवृत हुए रशीद अली डार को भी हाईकोर्ट का जज बनाया है।
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजेंद्र कश्यप ने नियुक्ति वारंट की अधिसूचना जारी कर दी है। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस को मिलाकर जजों की कुल मंजूर संख्या 17 है। वर्तमान में केवल आठ जज हैं। इनमें कार्यवाहक चीफ जस्टिस अलोक अराध्य, जस्टिस अली मोहम्मद, जस्टिस डीएस ठाकुर, जस्टिस ताशी रबस्तान, जस्टिस जनक राज कोतवाल, जस्टिस संजीव कुमार, जस्टिस एमके हंजूरा व जस्टिस संजय कुमार गुप्ता शामिल हैं। हालांकि इन जजों की नियुक्ति से जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट में जजों की संख्या दस हो गई है। हालांकि 17 जजों के पद तय हैं।