मणिपुर में स्थापित की गई देश की पहली नेशनल स्पोट्र्स यूनिवर्सिटी का बिल शुक्रवार को लोकसभा में पारित हो गया। राज्यसभा में पारित होने के बाद यह बिल राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए जाएगा। वहां से मंजूरी मिलते ही यह कानून का रूप ले लेगी।
हालांकि यूनिवर्सिटी को शुरू करने में आ रही अड़चनों को ध्यान में रखते हुए सरकार पहले ही इस पर अध्यादेश लेकर आ चुकी है, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दी है। यूनिवर्सिटी का संचालन 15 जनवरी से शुरू हो चुका है।
लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने साफ किया कि इस यूनिवर्सिटी का वाइस चांसलर एक खिलाड़ी होगा, जबकि एकेडमिक काउंसिल में भी खिलाडिय़ों को रखा जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि यह बिल पास होने के बाद यूनिवर्सिटी के आउटलाइन कैंपस विदेशों में भी खोले जा सकते हैं। यही नहीं इसके कैंपस देश के दूसरे राज्यों में भी खोले जाएंगे, लेकिन डिग्री मणिपुर नेशनल स्पोट्र्स यूनिवर्सिटी से ही जारी की जाएगी।
चर्चा के दौरान पक्ष और विपक्ष के सभी सांसदों ने इस यूनिवर्सिटी का समर्थन किया। हालांकि आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन ने कहा कि इस बिल को लाने में देर की गई है। इस पर राठौड़ ने कहा कि बिल को बीते वर्ष 10 अगस्त को लोकसभा में लाया गया था। इसके बाद इसे सांसदों की स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया गया। यही कारण है कि इस बिल पर अध्यादेश लाना पड़ा और पढ़ाई शुरू कराई गई।
अनुराग ठाकुर ने उठाए कई सवाल
हमीरपुर से भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने इस बिल का समर्थन करते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिल में राष्ट्रीय खेल संघों को जोड़ने की व्यवस्था नहीं की गई है। खेल संघ टीमें चुनते हैं उनके जुड़ने से तालमेल बैठेगा। ठाकुर ने कहा कि यूनिवर्सिटी की कमेटी में आईओए और खेल संघ के एक-एक सदस्य को शामिल किया जाना चाहिए।
वहीं उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के जरिए दूसरी केंद्रीय यूनिवर्सिटी में सेंटर ऑफ एक्सिलेंस खोलकर उन्हें इससे जोड़ना चाहिए। ठाकुर ने पक्ष और विपक्ष के कई सांसदों का समर्थन लेते हुए मंत्रालय से मांग की कि सांसदों को अपने क्षेत्र में खेल गतिविधियां कराने के लिए फंडिंग की जानी चाहिए। उन्होंने अपने क्षेत्र में यह प्रयास किया है। बाकी सांसदों ने भी यह कदम उठाना शुरू कर दिया है।