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राष्ट्रपति चुनाव: नीतीश ने बिगाड़ी विपक्ष की लय 

Sat, 20 May 2017 05:33 PM IST
संजय मिश्र/ नई दिल्ली 
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राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रणव मुखर्जी के नाम को आगे कर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष की लय को बिगाड़ दी है। राष्ट्रपति चुनाव का वोट गणीत भाजपा—राजग उम्मीदवार के पक्ष में होने के बावजूद विपक्ष की रणनीति 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार को कड़ी चुनौती पेश करने की थी। मगर नीतीश ने प्रणव का नाम आगे कर विपक्ष के बाकी दलों की रणनीति बिगाड़ दी है। नीतीश के बाद ममता बनर्जी ने भी प्रणव के नाम पर अपनी हामी भर दी है। जिसके बाद से विपक्ष एक नाम पर अपनी राय नहीं बना पा रहा है। 
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प्रणव पर विपक्ष की मुश्किल
प्रणव पर विपक्ष की मुश्किल यह है कि वर्तमान राष्ट्रपति मुखर्जी अपना सफल कार्यकाल पूरा करने के बाद चुनाव लड़कर हार देखना पसंद नहीं करेंगे। वे राष्ट्रपति के पद पर अपनी दोबारा से पारी केवल सर्वसम्मति के जरिए ही चाहेंगे। यही वजह है कि कांग्रेस पार्टी ने विपक्ष के कुछ दलों के साथ चर्चा कर शरद यादव, पंवार और गोपाल कृष्ण गांधी के नाम पर विचार शुरू किया था। मगर नीतीश के जरिए प्रणव का नाम आगे किए जाने के बाद से विपक्ष की रणनीति बना रहे नेताओं का मनोबल कमजोर पड़ा है। 
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भाजपा उतारेगी अपना उम्मीदवार 

शरद यादव ने शुरू कर दी थी तैयारी 
सूत्र बताते हैं कि शरद पंवार के इंकार के बाद से शरद यादव ने विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में अपनी तैयारी शुरू कर दी थी। लेकिन नीतीश के जरिए प्रणव का नाम आगे बढ़ाए जाने के बाद उनके मनोबल को भी झटका लगा है। दरअसल नीतीश को भी कहीं न कहीं यादव के बढ़ते कद का अनुमान हो चला है। 

राष्ट्रपति के चुनाव में बेशक विपक्ष के उम्मीदवार के रूप में यादव को हार मिले। मगर विपक्ष के उम्मीदवार होने के नाते सत्तापक्ष के उम्मीदवार के साथ मीडिया या अन्य गतिविधियों में एक माह तक सक्रिय रहने का उन्हें मौका बखूबी मिल जाएगा। हालांकि कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पौत्र गोपाल कृष्ण गांधी से भी उम्मीदवार बनने के लिए संपर्क साधा था।  

भाजपा उतारेगी अपना उम्मीदवार 
राष्ट्रपति चुनाव के मददेनजर विपक्ष की ओर से किए सर्वसम्मत उम्मीदवार की मांग पर गौर फरमाने के बजाय भाजपा देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए अपना खुद का उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार जब संख्या गणीत हमारे पक्ष में है तो हम अपना उम्मीदवार क्यों नहीं उतारेंगे। हालांकि उम्मीदवार चयन को लेकर पार्टी में अभी औपचारिक चर्चा नहीं हुई है। 
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