राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रणव मुखर्जी के नाम को आगे कर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष की लय को बिगाड़ दी है। राष्ट्रपति चुनाव का वोट गणीत भाजपा—राजग उम्मीदवार के पक्ष में होने के बावजूद विपक्ष की रणनीति 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार को कड़ी चुनौती पेश करने की थी। मगर नीतीश ने प्रणव का नाम आगे कर विपक्ष के बाकी दलों की रणनीति बिगाड़ दी है। नीतीश के बाद ममता बनर्जी ने भी प्रणव के नाम पर अपनी हामी भर दी है। जिसके बाद से विपक्ष एक नाम पर अपनी राय नहीं बना पा रहा है।
प्रणव पर विपक्ष की मुश्किल
प्रणव पर विपक्ष की मुश्किल यह है कि वर्तमान राष्ट्रपति मुखर्जी अपना सफल कार्यकाल पूरा करने के बाद चुनाव लड़कर हार देखना पसंद नहीं करेंगे। वे राष्ट्रपति के पद पर अपनी दोबारा से पारी केवल सर्वसम्मति के जरिए ही चाहेंगे। यही वजह है कि कांग्रेस पार्टी ने विपक्ष के कुछ दलों के साथ चर्चा कर शरद यादव, पंवार और गोपाल कृष्ण गांधी के नाम पर विचार शुरू किया था। मगर नीतीश के जरिए प्रणव का नाम आगे किए जाने के बाद से विपक्ष की रणनीति बना रहे नेताओं का मनोबल कमजोर पड़ा है।