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Droupadi Murmu: 'मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ रही जागरूकता', NIMHANS की सेवाओं की सराहना कर बोलीं राष्ट्रपति

Fri, 03 Jan 2025 02:59 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एनआईएमएचएएनएस की स्वर्ण जयती समारोह के दौरान कहा कि नकारात्मक मानसिक शक्तियों का मुकाबला करने में विभिन्न प्रकार के ध्यान भी उपयोगी हैं। उन्हें मानसिक स्वास्थ्य देखभाल मॉडल में एकीकृत किया जा रहा है।
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निम्हान्स संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान मौजूद अतिथिगढ़ - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS) की एकीकृत चिकित्सा सेवाओं की सराहना की और इसे सभी के लिए एक आदर्श मॉडल बताया।

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उन्होंने कहा, 'एनआईएमएचएएनएस की एकीकृत चिकित्सा सेवाएं मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने में योग और आयुर्वेद का उपयोग करके मनोरोग और तंत्रिका संबंधी समस्याओं का इलाज करने के लिए एक आदर्श हैं।'

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3T MRI स्कैनर और DSA सिस्टम देश को दिया
उन्होंने यहां संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान मनोचिकित्सा विशेषज्ञ ब्लॉक, केंद्रीय प्रयोगशाला परिसर और भीमा छात्रावास का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं- 3T एमआरआई स्कैनर और डीएसए सिस्टम भी देश को समर्पित किया।



हम जो भी महसूस करते हैं...
उन्होंने आगे कहा कि नकारात्मक मानसिक शक्तियों का मुकाबला करने में विभिन्न प्रकार के ध्यान भी उपयोगी हैं। उन्हें मानसिक स्वास्थ्य देखभाल मॉडल में एकीकृत किया जा रहा है। राष्ट्रपति ने पारंपरिक तरीकों का उपयोग करने के महत्व को रेखांकित किया जो सभी के लिए फायदेमंद हैं। मुर्मू ने कहा, 'हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि मन वह है जो हम दुनिया में जो कुछ भी महसूस करते हैं, उसकी जड़ है।' उन्होंने रेखांकित किया कि आने वाले वर्षों में मानसिक स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देना और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।
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'मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बढ़ रही जागरूकता'
उन्होंने यह भी कहा कि अतीत में कुछ समाजों में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों और चिंताओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ रही है। मानसिक बीमारियों से जुड़ी अवैज्ञानिक मान्यताएं अतीत की बात हो गई हैं, जिससे विभिन्न बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए मदद लेना आसान हो गया है।

द्रौपदी मुर्मू ने कहा, 'यह स्वागत करने लायक विकास है, विशेष रूप से इस मोड़ पर, क्योंकि दुनिया भर में विभिन्न प्रकार के मानसिक स्वास्थ्य मुद्दे महामारी का रूप ले रहे हैं। विशेष रूप से कोविड महामारी ने ऐसी चिंताओं में वृद्धि की है। कामकाजी पेशेवर अधिक तनाव का सामना करते हैं तथा बड़ी संख्या में बुजुर्ग लोग सामाजिक चुनौतियों के कारण अकेलेपन से पीड़ित हैं।'

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