राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के सांसदों को शुक्रवार रात आठ बजे मुलाकात का समय दिया है। सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अपनी चिंताएं राष्ट्रपति के सामने रखेंगे। विपक्ष पिछले कई दिनों से दिल्ली में प्रदर्शन कर रहा है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इंडिया गठबंधन के सांसद शुक्रवार को शाम पांच बजे संसद के सेंट्रल हॉल में जुटेंगे। इसके बाद रात आठ बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे।
एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
विवाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। इंडिया ब्लॉक के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
तीन दिन से सड़कों पर उतर रहे विपक्षी सांसद
इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन छह अक्तूबर को चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश के साथ तेज हुआ। इस दौरान पुलिस ने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया था। अगले दिन भी विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन जारी रखा और जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद आठ अक्तूबर को विपक्षी नेताओं ने महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट पर धरना दिया।
राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए क्यों मांगा था समय?
विपक्षी दल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर चुनाव आयोग और एसआईआर से जुड़े मुद्दे उठाना चाहते थे। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए पहला अनुरोध दो अक्तूबर को भेजा गया था। विपक्ष ने 15 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के लिए समय मांगा था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को समय दिए जाने की बात सामने आई है। अब सूत्रों के हवाले से रात आठ बजे का समय मिलने की खबर है।
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खरगे के लंच पर भी चर्चा, लगातार दो दिन रेस्टोरेंट में जुटे सांसद
विरोध प्रदर्शन के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से विपक्षी सांसदों के लिए लगातार दो दिन दिल्ली के रेस्टोरेंट में लंच आयोजित किया गया। सात अक्तूबर को सांसद जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में जुटे थे, जबकि आठ अक्तूबर को क्नॉट प्लेस के मोएट्स रेस्टोरेंट में लंच हुआ। इन बैठकों के बाद सांसद प्रदर्शन के लिए निकले। लंच के दौरान विपक्षी दलों के नेताओं ने आगे की रणनीति पर चर्चा की।
पहले दिन सपा की गैरमौजूदगी से भी उठे सवाल
सात अक्तूबर को खरगे के लंच में समाजवादी पार्टी के सांसद शामिल नहीं हुए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, सपा की ओर से समय पर सूचना नहीं मिलने की बात कही गई थी। कांग्रेस ने इस पर कहा था कि सभी विपक्षी दलों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन कम समय मिलने के कारण कुछ दल अपने प्रतिनिधि नहीं भेज सके। अगले दिन सपा के सांसद भी लंच और प्रदर्शन में शामिल हुए। इस घटनाक्रम के बीच विपक्षी गठबंधन की एकजुटता और आपसी तालमेल को लेकर भी चर्चा हुई।
पुलिस कार्रवाई और एफआईआर से बढ़ा विवाद
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और विपक्षी सांसदों के बीच कई बार तनाव की स्थिति बनी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थानों की ओर जाने से रोका और कुछ नेताओं को हिरासत में लिया। आठ अक्तूबर को मोएट्स रेस्टोरेंट के पास हुए घटनाक्रम के संबंध में भी एफआईआर दर्ज होने की खबर है। राहुल गांधी समेत कुछ नेताओं पर पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट के आरोप लगाए गए हैं।