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President WB Visit Row: राष्ट्रपति के दौरे में प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर केंद्र सख्त, बंगाल सरकार से मांगा जवाब

Sun, 08 Mar 2026 11:23 AM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रपति के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल के उल्लंघन का यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है। राज्य सरकार से जवाब मिलने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई तय हो पाएगी।
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राष्ट्रपति मुर्मू और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान प्रोटोकॉल नियमों के उल्लंघन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब मांगा है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल, कार्यक्रम स्थल और मार्ग व्यवस्था से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन पर पश्चिम बंगाल सरकार से रविवार शाम 5 बजे तक जवाब तलब किया गया है।

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गृह मंत्रालय की ओर से कार्रवाई
केंद्रीय गृह सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को एक पत्र लिखकर "ब्लू बुक" में बताए गए नियमों के उल्लंघन पर जवाब मांगा है। "ब्लू बुक" राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा और प्रोटोकॉल से संबंधित नियमों का एक गोपनीय दस्तावेज है।

राष्ट्रपति ने जताई चिंता
राष्ट्रपति मुर्मू ने शनिवार को बागडोगरा हवाई अड्डे के पास एक आदिवासी समुदाय के कार्यक्रम में लोगों की कम संख्या पर चिंता जताई थी। उन्होंने कार्यक्रम स्थल को बिधाननगर से बदलने के फैसले पर भी सवाल उठाए थे। राष्ट्रपति ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्री उनकी यात्रा के दौरान उपस्थित नहीं थे।
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प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने इस बात पर भी गौर किया है कि राज्य में राष्ट्रपति के आगमन पर मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक जैसे वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत के लिए उपस्थित न होना "ब्लू बुक" के नियमों का एक गंभीर उल्लंघन है। राष्ट्रपति के स्वागत के लिए केवल सिलीगुड़ी के महापौर का उपस्थित होना भी प्रोटोकॉल के विरुद्ध माना गया है।

इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति के लिए बनाए गए वॉशरूम में पानी की व्यवस्था न होने और उनके गुजरने वाले रास्ते पर कचरा होने जैसे मामलों पर भी राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया है। पत्र में दार्जिलिंग के जिला मजिस्ट्रेट, सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट जैसे जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में भी जानकारी मांगी गई है।



जानिए क्या है मामला?
राष्ट्रपति को आदिवासी समुदाय के वार्षिक कार्यक्रम में शामिल होना था, जो पहले सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होना तय था। हालांकि, सुरक्षा और अन्य कारणों का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल को बागडोगरा हवाई अड्डे के पास गोशाईपुर में बदल दिया था। इसी बदलाव के कारण कार्यक्रम स्थल पर लोगों की उपस्थिति काफी कम रही।
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राष्ट्रपति ने स्वयं इस बदलाव पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा था कि यदि कार्यक्रम बिधाननगर में होता तो बेहतर होता, क्योंकि वहां अधिक लोगों के आने की संभावना थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि राज्य सरकार आदिवासी समुदाय के कल्याण के पक्ष में है या नहीं।

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