पूर्व राष्ट्रपति कोविंद के साथ द्रौपदी मु्र्मू
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75 साल के लोकतंत्र में देश ने अपने 14 प्रथम नागरिकों के साथ गरिमामय पलों को साझा किया है। पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद, दूसरे डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन से लेकर रामनाथ कोविंद तक सभी को उनके विशिष्ट योगदान के लिए याद किया जाता है। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम आजाद ने कई परंपराएं तोड़ीं, काफी कुछ ना जोड़ा तो प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल को उनकी शानदार पारी के लिए याद किया जाता है। पिछले कुछ दशक के बाद ऐसा देखने को मिला है, जब राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने प्रचार के दौरान आरोप और लक्ष्मण रेखा की लकीर खींचनी शुरू कर दी थी। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि क्या सच में पूर्व राष्ट्रपति कोविंद वर्तमान राष्ट्रपति के लिए बड़ी चुनौतियां छोड़कर जा रहे हैं?
महबूबा ने छोड़े शब्दबाण
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती इसी समय का इंतजार कर रही थीं। जैसे ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संवैधानिक परंपरा के अनुसार पूर्व हुए, महबूबा मुफ्ती ने उनके कामकाज, कार्यकाल को लेकर जहर बुझे शब्दबाण छोड़ दिए। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि रामनाथ कोविंद अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जहां भारतीय संविधान को कई बार कुचला गया। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि चाहे अनुच्छेद-370 हो या नागरिकता कानून (सीएए) या अल्पसंख्यकों, दलितों को निशाना बनाना हो, उन्होंने (कोविंद) भारतीय संविधान के नाम पर भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को पूरा किया। महबूबा मुफ्ती ने यह तंज कसकर चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय पद के प्रत्याशी यशवंत सिन्हा के आरोपों को ताजा कर दिया। यशवंत सिन्हा ने भी प्रचार के दौरान रामनाथ कोविंद की तुलना पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभादेवी सिंह पाटील से करते हुए संवैधानिक जिम्मेदारी को मर्यादित तरीके से न निभाने का आरोप लगाया था। यशवंत सिन्हा ने यही तंज कसते हुए एनडीए की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू के बारे में कहा था कि उनके रबर स्टांप राष्ट्रपति साबित होने की पूरी संभावना है। राजद के नेता तेजस्वी यादव ने भी मुर्मू के मूर्ति राष्ट्रपति होने की संभावना व्यक्त की थी।
क्या है देश की 15वीं राष्ट्रपति के सामने बड़ी चुनौतियां?
कांग्रेस के नेता अभी इस विषय में कुछ नहीं बोलना चाहते। पार्टी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह देश की 15वीं राष्ट्रपति हैं। कांग्रेस पार्टी इस पद की गरिमा का आदर करती है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि राष्ट्रपति मुर्मू एक अच्छी राष्ट्रपति साबित होंगी। मेरी उन्हें शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी उन्हें शुभकामनाएं और बधाई दी है। समाजवादी पार्टी के एक सांसद ने कहा कि आज उन्होंने शपथ ग्रहण किया है। पहला दिन है। अभी कुछ कहना अच्छा नहीं होगा। लेकिन जहां तक चुनौतियों का सवाल है, तो राष्ट्रपति के सामने अपने पद और गरिमा को बनाए रखने की चुनौती हमेशा रहेगी। जिस तरह से राष्ट्रपति के चुनाव में पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने आरोप लगाए और संभावना व्यक्त की हैं, वह चुनौतियां हमेशा राष्ट्रपति का पीछा करती रहेंगी। राष्ट्रपति मुर्मू के सामने कामकाज के माध्यम से नए मानदंड स्थापित करने वाला राष्ट्रपति बनने का लक्ष्य हमेशा पीछा करता रहेगी। देखना है, इस लक्ष्य को वह किन मानदंडों के माध्यम से पूरा करती हैं।