विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगडिया को लेकर अहमदाबाद में सोमवार को दिन भर हंगामा चला। हंगामा उस वक्त शुरू हुआ जब वीएचपी ने कहा कि उनके अध्यक्ष प्रवीण तोगडिया का सुबह से कोई सुराग नहीं मिला है। यह भी दावा किया गया कि 62 वर्षीय तोगडिया को राजस्थान पुलिस ने एक पुराने केस के सिलसिले में हिरासत में लिया है मगर बाद में इससे इंकार कर दिया।
दरअसल राजस्थान पुलिस की एक टीम एक पुराने केस के सिलसिले में तोगडिया के खिलाफ एक वारंट लेकर अहमदाबाद पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ टीम उनके आवास पर पहुंची।
टीम का दावा है कि तोगडिया उन्हें नहीं मिले। मगर इसी दौरान वीएचपी कार्यकर्ताओं ने यह कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया कि तोगडिया सुबह दस बजे से लापता है।
बीजेपी प्रवक्ता जय शाह ने दावा किया कि तोगडिया को एक पुराने मामले में राजस्थान पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया है। मामले को लेकर शाम को करीब 4 बजे वीएचपी कार्यकर्ताओं ने सोला पुलिस स्टेशन का घेराव करते हुए हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। गुस्साए कार्यकर्ताओं के एक दल ने नारेबाजी करते हुए सरखेज-गांधीनगर हाईवे पर भी जाम लगा दिया और जल्द से जल्द तोगडिया को ढूंढने की मांग की।
वीएचपी की गुजरात इकाई के प्रमुख महासचिव रंछोड़ भारवाड़ ने बताया कि हमारे कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगडिया के बारे में सुबह दस बजे से कोई जानकारी नहीं है। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पक्के तौर पर नहीं पता कि उन्हें हिरासत में लिया गया है या नहीं।
हंगामे के बीच राजस्थान पुलिस ने भी इस पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी टीम द्वारा तोगडिया को हिरासत में नहीं लिया गया है। भरतपुर रेंज के आईजी पुलिस आलोक कुमार वशिष्ठ ने कहा कि राजस्थान पुलिस की टीम को वह अहमदाबाद में नहीं मिले इसलिए टीम बिना उनको वारंट दिए लौट आई। हिरासत में लेने की खबरों को उन्होंने अफवाह बताया।