डोप में फंसे पहलवान नरसिंह यादव की जगह प्रवीण कुमार को रियो भेजने के मामले में भारतीय कुश्ती फेडरेशन और खेल मंत्रालय के अलग-अलग सुर हैं। भारतीय कुश्ती फेडरेशन ने जहां नरसिंह की जगह पहलवान प्रवीण राणा को भेजने की बात दोहराई है।
वहीं, केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने साफ किया कि फिलहाल नरसिंह की जगह किसी दूसरे पहलवान का नाम रियो ओलंपिक के लिए तय नहीं किया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ओलंपिक नियम के अनुसार किसी डोप पॉजिटिव खिलाड़ी की जगह दूसरे को रियो नहीं भेजा जा सकता है। लिहाजा नरसिंह की जगह प्रवीण को भेजने का सवाल ही नहीं है।
नरसिंह की जगह 74 किलोग्राम में पहलवान प्रवीण राणा को रियो भेजने के कुश्ती फेडरेशन के फैसले से पहले ही खेल मंत्री ने अपने ट्विटर अकाउंट में लिखा, ‘ अगर किसी एंटी डोपिंग पैनल ने किसी खिलाड़ी को शुरुआती तौर पर निलंबित कर दिया है और आखिरी रिपोर्ट आ चुकी है, तो इस स्थिति में किसी खिलाड़ी का स्थानापन्न नहीं भेजा सकता है।’ हालांकि खेल मंत्री गोयल ने यह भी लिखा कि सरकार पूरे मामले में सतर्क है।
किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। गोयल ने कहा कि बुधवार शाम नाडा की इस मामले में सुनवाई है और देर रात नाडा का फैसला आने के बाद ही सरकार बृहस्पतिवार को अपना पक्ष रखेगी। इस बीच, खबर है कि नाडा ने सुनवाई बृहस्पतिवार तक के लिए टाल दी है। इस पर फाइनल रिपोर्ट अगले दो दिन में आने की संभावना है। वहीं, नाडा कार्यालय के बाहर नरसिंह के समर्थकों ने नारेबाजी की।
नरसिंह की सीबीआई जांच की मांग के सवाल पर गोयल ने कहा कि जब फेडरेशन इस मामले में हमसे लिखित में कुछ मांग करेगी तब सरकार इस पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि ओलंपिक से पहले दो एथलीटों नरसिंह यादव और इंदरजीत के डोप में नाकाम होना चिंता का सबब है।