सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आप कुछ भी फिल्माइए, मुझे कोई परहेज नहीं है, लेकिन आप जाहिर कर फिल्माइये। उन्होंने कहा कि हम विवादों से विचार विमर्श की तरफ गए हैं, इसलिए चीजें सुधरी हैं।
गुलाबी नगरी में गुरुवार से जयपुर साहित्य उत्सव (जेएलएफ) 2020 की शुरुआत हुई। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ संजॉय के रॉय, विलियम डेलरिम्पल नमिता गोखले, शुभा मुद्गल चन्द्र प्रकाश देवल ने औपचारिक शुरुआत की।
जेएलएफ का यह 13वां संस्करण है और इसमें 23 से 27 जनवरी तक कविता, कहानी, उपन्यास, भाषा के साथ साथ पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और तकनीक, गरीबी जैसे ज्वलंत मुद्दों पर भी मंथन होगा।
पांच दिन तक चलने वाले जेएलएफ में नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी, लेखक एवं सांसद शशि थरूर, पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश, प्रेमचंद की पौत्री सारा राय समेत 550 वक्ता विभिन्न मुद्दों और विषयों पर अपने विचार रखेंगे। इस संस्करण में 15 भारतीय और 20 विदेशी भाषाओं के वक्ता अपने अपने अनुभव एवं विचार साझा करेंगे।