फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रणब ने संघ के कार्यक्रम में जाने पर तोड़ी चुप्पी, बोले- जो कहना है 7 जून को नागपुर में कहूंगा

Sun, 03 Jun 2018 04:20 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आरएसएस के कार्यक्रम में जाने को लेकर पहली बार चुप्पी तोड़ी है। शनिवार को प्रणब ने कहा कि मुझे जो कहना है 7 जून को नागपुर में कहूंगा। 

विज्ञापन


संघ के कार्यक्रम को लेकर कई चिट्ठियां मिली हैं। कई कॉल भी आए हैं। अब तक किसी को कोई जवाब नहीं दिया है। जो बोलना है कार्यक्रम में ही बोलूंगा। दरअसल, कई कांग्रेसी नेताओं ने प्रणब को चिट्ठी लिखकर और कॉल कर संघ के कार्यक्रम में नहीं जाने की सलाह दी है।

जयराम रमेश और सीके जाफर शरीफ जैसे कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि प्रणब मुखर्जी जैसे विद्वान और धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति को संघ के साथ कोई नजदीकी नहीं दिखानी चाहिए। उनके संघ के कार्यक्रम में जाने से देश के धर्मनिरपेक्ष माहौल पर बुरा असर पड़ेगा। जयराम ने कहा कि प्रणब मुखर्जी ने हमारा मार्गदर्शन किया है। अब ऐसा क्या हो गया कि वह संघ के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनकर जाएंगे।
विज्ञापन


हालांकि, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने का कहना है कि उन्होंने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। लिहाजा, उन्हें कार्यक्रम में जाना ही चाहिए, लेकिन वहां जाकर संघ की विचारधारा में मौजूद खामियों के बारे में बताना चाहिए। 

दरअसल, प्रणब मुखर्जी को नागपुर के संघ मुख्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के 7 जून को होने वाले समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है। इसी को लेकर कांग्रेस में उथल-पुथल मची है। इस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि मुखर्जी का संघ का निमंत्रण स्वीकार करना अच्छी पहल है। राजनीतिक छुआछूत अच्छी बात नहीं है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें