सीबीआई की टीम उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं की प्रारंभिक जांच पूरी कर चुकी है। सीबीआई को पीसीएस-2015 की परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। मामले में पूछताछ की प्रक्रिया भी तकरीबन पूरी हो चुकी है। जांच के दौरान मिले ठोस सुबूतों के आधार पर सीबीआई ने आयोग के वर्तमान एवं पूर्व संदिग्ध अफसरों की सूची तैयार कर ली है। इसके अलावा पीसीएस-2015 के संदिग्ध चयनितों की सूची भी बनाई गई है। इन सभी की गतिविधियों पर जांच एजेंसी की कड़ी नजर है। सीबीआई किसी भी दिन इनके खिलाफ सीधी कार्रवाई कर सकती है और इनमें से कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
सीबीआई की ओर से पीसीएस-2015 के मामले में आयोग के अज्ञात अफसरों और बाहरी अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई अन्य परीक्षाओं की भी जांच कर रही है लेकिन पीसीएस-2015 में मामला जांच से आगे बढ़ चुका है। गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों को चिह्नित किया जा चुका है। इनमें से ज्यादातर को पूछताछ के लिए दोबारा बुलाए जाने की तैयारी है और इसके लिए सीबीआई ने आपराधिक धाराओं में दर्ज मुकदमे के तहत नोटिस भेजना भी शुरू कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ऐसी धाराओं में दोषियों की गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है, जिसमें आसानी से जमानत न मिल सके और यह ठोस सुबूतों के आधार पर ही किया जा सकता है। पिछले दिनों आयोग में चले तलाशी अभियान के दौरान सीबीआई को कई अहम सुराग भी मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि तलाशी अभियान के बाद सीबीआई ने पश्चिमी यूपी और पूर्वांचल के कुछ जिलों में जाकर पीसीएस-2015 के संदिग्ध चयनितों की पृष्ठभूमि भी खंगाली है।