फाइल फोटो: राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी
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जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकवादी हमले के एक दिन बाद पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा कि वह आतंकवादियों के अमानवीय कृत्य से दुखी हैं। प्रणब मुखर्जी ने नयी दिल्ली में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के भाषणों के संकलन का विमोचन करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में हमें एक राष्ट्र के रूप में एकजुट रहना होगा।
मुखर्जी ने यह भी कहा कि आतंकी हमले की अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा एक स्वर में निंदा किए जाने से आतंकवाद से लड़ने का संकल्प मजबूत होगा। बृहस्पतिवार के आतंकी हमले में पाकिस्तान की भूमिका की ओर इशारा करते हुए नायडू ने कहा कि "हमारा पड़ोसी" लंबे समय से आतंकवादी समूहों की "सहायता, वित्तपोषण और प्रशिक्षण" दे रहा है।
नायडू ने कहा कि देश की प्रगति को "अस्थिर और बाधित" करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीयों को हमारी मातृभूमि के हर इंच को सुरक्षित बनाने के लिए संकल्प के साथ खड़ा होना चाहिए।