पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यक्रम में शिरकत करने बुधवार की शाम को नागपुर पहुंच गए। कांग्रेस के नेता रहते हुए प्रणब ने हमेशा संघ की आलोचना की है। इस लिहाज से लोगों की उत्सुकता बढ़ गई है कि बृहस्पतिवार को होने वाले समारोह में वह संघ के कार्यकर्ताओं को क्या संदेश देंगे।
प्रणब के नागपुर पहुंचते ही बड़ी संख्या में संघ कार्यकर्ताओं ने अपने मुख्य अतिथि का फूलों के गुलदस्तों से स्वागत किया। नागपुर एयरपोर्ट पर संघ के सर कार्यवाह वी. भोगैय्या और नागपुर शहर इकाई के अध्यक्ष राजेश लोया ने उनकी अगवानी की। कार्यक्रम के मुताबिक बृहस्पतिवार की शाम प्रणब मुखर्जी संघ शिक्षा वर्ग के तृतीय वर्ष के प्रशिक्षण कोर्स के समापन समारोह में भाषण देंगे। वह गुरुवार शाम को 5:30 बजे से रात 9:30 बजे तक संघ मुख्यालय में मौजूद रहेंगे। संघ के इस दीक्षांत समारोह में प्रणब मुखर्जी समेत 4 लोग मंच पर होंगे। इनमें मोहन भागवत और आरएसएस के दो अन्य सीनियर अधिकारी भी शामिल होंगे। प्रणब मुखर्जी करीब आधे की घंटे की स्पीच देंगे।
संघ के सूत्रों के मुताबिक, रात में आठ बजे समारोह खत्म होने के बाद उनसे रात्रि भोजन की गुजारिश की गई है। संघ का न्योता स्वीकार करने के बाद से ही प्रणब विवादों में घिर गए हैं। पूर्व राष्ट्रपति के इस कदम के कई राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।
हालांकि विवादों से बेपरवाह मुखर्जी ने कहा कि वह अपने भाषण के जरिये सभी अटकलों और आशंकाओं को दूर कर देंगे। कांग्रेस और वामदलों के कुछ नेताओं ने संघ की बैठक में प्रणब के शामिल होने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन कांग्रेस संगठन के अंदर की बेचैनी से साफ जाहिर हो रहा है कि पार्टी पूर्व राष्ट्रपति के इस फैसले से असहज है। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने उनसे कार्यक्रम में शामिल होने के फैसले पर पुनर्विचार करने की भी गुजारिश की थी। शायद इसी कारण कांग्रेस का कोई नेता नागपुर में उनकी अगवानी करने भी नहीं आया।
प्रणब दा के भाषण पर देश की नजर
उनके नागपुर पहुंचने के बाद अब पूरे देश की निगाहें इस पर टिकी हैं कि प्रणब दा अपने भाषण में क्या कहेंगे। राष्ट्रपति पद से हटने के बाद उनकी संघ प्रमुख मोहन भागवत से कई बार मुलाकात हो चुकी है। जानकारों का कहना है कि हाल के दिनों में मुखर्जी और भागवत की मुलाकातें सामान्य घटना नहीं है। इन मुलाकातों के राजनीतिक मायने भी हैं।