प्रमोदिनी ने कहा कि 18 अप्रैल 2009 को मुझ पर तेजाब फेंका गया था। उस समय सेना के जवान के तौर पर कार्यरत संतोष वेदांत ने शादी का प्रस्ताव रखा था लेकिन प्रमोदिनी ने मना कर दिया, जिसके बाद संतोष ने उसके चेहरे पर तेजाब फेंक दिया। उस समय प्रमोदिनी अपनी इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रही थीं।
प्रमोदिनी के कॉलेज के पास एक आर्मी कैंप था, जहां संतोष ने प्रमोदिनी को देखा था और शादी का प्रस्ताव रखा था। उस समय प्रमोदिनी की उम्र बहुत कम थी और वो आगे पढ़ना चाहती थी, इसलिए घरवालों ने शादी के लिए मना कर दिया। इसके बाद भी संतोष प्रमोदिनी का पीछा करता रहा और 2009 में संतोष ने प्रमोदिनी पर तेजाब फेंक दिया।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने की मुलाकात
प्रमोदिनी ने पुलिस में संतोष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई लेकिन 2012 तक पुलिस को उसके खिलाफ कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद यह मामला बंद हो गया लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रमोदिनी से मुलाकात की और दोबारा जांच के आदेश दिए। 2017 में संतोष को गिरफ्तार कर लिया गया और वो अभी तक जेल में बंद है।
सरोज साहू से दोस्त के जरिए हुई मुलाकात
प्रमोदिनी जिस अस्पताल में अपना इलाज करा रही थीं, वहीं एख नर्स सरोज साहू की दोस्त थी। नर्स ने ही साहू को एसिड अटैक का सामना कर रही महिलाओं की समस्याओं को देखने के लिए बुलाया था। सरोज ने प्रमोदिनी से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। लेकिन धीरे-धीरे मुलाकातें बढ़ती गईं और दोनों अच्छे दोस्त बन गए।