मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान 'मदद मांगने के लिए कटोरा लेकर' सरकार के पास न आएं। इसके बजाय वो संस्थान के पूर्व छात्रों से मदद मांगें।
जावड़ेकर ने ज्ञान प्रबोधिनी स्कूल की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ये बातें कही। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे स्कूल हैं जो अपने पूर्व छात्रों से मदद मांगने के बजाय 'सरकार के पास कटोरा लेकर' आते रहते हैं।
उन्होंने संस्थान के रखरखाव और विकास के लिए ज्ञान प्रबोधिनी स्कूल के पूर्व छात्रों द्वारा किए गए योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्कूल ने अन्य संस्थानों के लिए भी एक अच्छा उदाहरण पेश किया है।
उन्होंने कहा 'ऐसे स्कूल भी चलते हैं। नहीं तो हर बार सरकार के पास कटोरा लेकर जाएंगे और बात करेंगे कि हमें मदद चाहिए। अरे, मदद तो आपके घर में पड़ी है। आपके जो पूर्व छात्र हैं, उनकी भी जिम्मेदारी बनती है।'
उन्होंने आगे कहा, 'दुनियाभर में, शैक्षिक संस्थानों को कौन चलाते हैं? पूर्व छात्र ही चलाते हैं। जो लोग एक बार अध्ययन कर सफल हो जाते हैं, वो बाद में स्कूल को वापस करते हैं। ज्ञान प्रबोधिनी में भी यही परंपरा है। मुझे बताया गया कि यहां के पूर्व छात्र जितनी मदद कर सकते हैं, जरूर करते हैं।'