संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने संसद के दोनों सदनों के स्थगन पर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हम सदन चलाना चाहते थे, लेकिन विपक्ष ने इतने दिन बर्बाद किए। बिना किसी चर्चा के हंगामा किया। इससे सिर्फ समय बर्बाद हुआ। जोशी ने कांग्रेस नेता पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अंशकालिक (पार्टटाइम) राजनेता हैं। शायद वह नया साल मनाने कहीं जा रहे हों।
बिरला ने भी जताई निराशा
वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लोकतंत्र में सहमति और असहमति स्वाभाविक हैं, लेकिन नियोजित तरीके से सदन में व्यवधान डालना ठीक नहीं है। संसद के शीतकालीन सत्र केअनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही। बिरला ने कार्यवाही के दौरान शोर-शराबे से संबंधित एक सवाल के जवाब में कहा कि विपक्ष असहमति दर्ज कराए, लेकिन सदन नहीं चले, यह ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि पीठासीन सभापतियों के सम्मेलन में इस बात पर सहमति बनी थी कि प्रश्नकाल स्थगित नहीं होना चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि संसद में सहमति-असहमति हो, लेकिन यह चर्चा एवं संवाद के जरिए होना चाहिए। बिरला ने कहा कि मेरे लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही बराबर हैं। मैंने सभी को अपनी बात रखने का पर्याप्त समय दिया है। सदस्यों के विरोध दर्ज कराने के लिए अगर पहले आसन के समीप आने का कोई चलन रहा भी है, तब भी यह उचित नहीं है। ऐसी परंपरा नहीं होनी चाहिए।
संसद सत्र में अपनी भूमिका का निर्वाह करने में विफल रहा विपक्ष: भाजपा
वहीं,
भाजपा के राज्यसभा सदस्य व पार्टी के मीडिया विभाग के प्रभारी अनिल बलूनी ने कहा कि सत्र का मतलब यह होता है कि विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार से सवाल करे और राज्यसभा व लोकसभा में चिंता के मुद्दे उठाए लेकिन इसकी जगह उसने अपने आचरण से संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। बलूनी ने कहा कि संसद का सत्र जनहित से जुड़े मुद्दे उठाने का होता है। लेकिन विपक्षी अपनी भूमिका का निर्वाह करने में विफल रहा। कांग्रेस और उसके सहयोगी जनता के मुद्दों को अक्सर नजरअंदाज करते हैं। इसलिए देश की जनता ने भी उन्हें नकार दिया है।