भोपाल से सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर अपने काम से ज्यादा अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में छाई रहती हैं। राम मंदिर से लेकर नाथूराम गोडसे तक पर विवादित बयान दे चुकीं प्रज्ञा ने मध्यप्रदेश के सीहोर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि हम नाली साफ करवाने के लिए सांसद नहीं बने हैं। उनके इस बयान से भाजपा नेतृत्व उनसे नाराज है और उन्हें दिल्ली मुख्यालय तलब किया।
मध्यप्रदेश के सीहोर में प्रज्ञा ने कहा, 'हम नाली साफ करवाने के लिए सांसद नहीं बने हैं। आपका शौचालय साफ करवाने के लिए बिलकुल नहीं बने हैं। हम जिस काम के लिए बनाए दए हैं, वह काम ईमानदारी के साथ करेंगे।' 17वीं लोकसभा के लिए हुए चुनावों में प्रज्ञा ने भोपाल से कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को हराया है।
प्रज्ञा के बयान पर एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वो ऐसा इसलिए कहती है क्योंकि यह उनकी सोचने की प्रक्रिया है। भाजपा सांसद भारत में हो रहे जाति और वर्ग के भेदभाव को मानती हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही, उन्होंने पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान का खुलकर विरोध किया है। मैं बिलकल आश्चर्यचकित नहीं हूं।