लोकसभा में शुक्रवार को भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपने उस बयान को लेकर माफी मांगी है जिसमें उन्होंने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त कह दिया था। जिसके बाद विपक्ष लगतार सरकार पर हमलावर था। 29 नवंबर को लोकसभा में उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वो महात्मा गांधी का सम्मान करती हैं और यदि उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो इसके लिए उन्हें खेद है।
इस मुद्दे का नहीं होना चाहिए राजनीतिकरण
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा, 'केवल यह देश नहीं बल्कि पूरी दुनिया महात्मा गांधी के सिद्धांतों का पालन करती है। हमें इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। यदि हम ऐसा करते हैं तो यह दुनिया के सामने जाएगा। इसलिए मैं कहता हूं कि यह बयान रिकॉर्ड में नहीं जाएंगे। यह सदन महात्मा गांधी की हत्यारे को महिमा मंडित करने की अनुमति नहीं देता है चाहे वह इस सदन में हो या बाहर। गुरुवार रक्षा मंत्री ने सरकार की तरफ से बयान दिया था। सांसद प्रज्ञा भी माफी मांग चुकी हैं।'
साध्वी प्रज्ञा की जमानत निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई दो हफ्ते बाद
वहीं, मालेगांव धमाके के आरोपी व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की जमानत निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट दो हफ्ते बाद सुनवाई करेगी। इस धमाके के एक पीड़ित ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर का प्रज्ञा सिंह ठाकुर की जमानत निरस्त करने की मांग की है।