रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा
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लोकसभा में बुधवार को रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने सरकार की बुरी तरह से किरकिरी करा दी। दरअसल सिन्हा प्रश्नकाल के दौरान सदन से नदारत थे। इस पर विपक्ष के भारी हंगामे के बाद सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री वैंकेया नायडू को तीन बार माफी मांगनी पड़ी। स्पीकर सुमित्रा महाजन ने भी मंत्री की अनुपस्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए भविष्य में ऐसा न करने की सख्त हिदायत दी।
बाद में खुद रेल मंत्री सुरेश प्रभु को सदन में आ कर माफी मांगनी पड़ी। विपक्ष की ओर से हंगामा जारी रखने के बाद नाराज स्पीकर ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार ने माफी मांगी है। उन्होंने भी नाराजगी जताई है। अब क्या रेल राज्य मंत्री को फांसी पर चढ़ा देना चाहिए। बुधवार को प्रश्नकाल की शुरुआत रेल मंत्रालय के सवाल से हुई। रेल मंत्री की अनुपस्थिति में रेल राज्य मंत्री सिन्हा ने इस दौरान सवालों के जवाब दिए। जवाब देने के बाद सिन्हा सदन से बाहर चले गए। इस बीच दूरसंचार के दो, संचार और शहरी विकास मंत्रालय के एक एक सवाल के बाद फिर से रेल मंत्रालय का नंबर आ गया।
स्पीकर ने जब पूरक सवाल के लिए रेल राज्य मंत्री का नाम पुकारा तो सिन्हा सदन में नहीं थे। इसके बाद कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना लिया। खड़गे ने कहा कि परसों भी चर्चा के दौरान एक भी केंद्रीय मंत्री सदन में नहीं थे। कोरम की समस्या भी लगातार बनी रहती है। इसलिए स्पीकर को सख्त संज्ञान लेना चाहिए। इसके बाद वैंकेया नायडू ने हंगामे के बीच सरकार की ओर से तीन बार माफी मांगी। उन्होंने स्वीकार किया कि मंत्री की प्रश्नकाल के दौरान सदन में अनुपस्थिति बेहद गंभीर मामला है। इसके बाद स्पीकर ने भी रेल राज्य मंत्री की खिंचाई की। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं होनी चहिए। बाद में शून्य काल के दौरान रेल मंत्री प्रभु ने भी माफी मांगी।