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यात्री सुविधा छोड़, सोशल पटरी पर दौड़ रही सुरेश प्रभु की रेल

Tue, 24 May 2016 04:06 AM IST
नवनीत शरण/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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रेलमंत्री सुरेश प्रभु - फोटो : Getty
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 केंद्र में राजग शासनकाल के दो साल पूरे होने वाले हैं। सरकार के सभी मंत्रालय अपनी-अपनी उपलब्धियां गिना रहे हैं। रेल मंत्रालय भी अपनी उपलब्धियां गिनाने में पीछे नहीं है। लेकिन रेल यात्री अभी भी कन्फर्म बर्थ नहीं मिलने, पैसेंजर ट्रेन में खड़े होकर सफर करने, खिड़की पर टिकट लेने की जद्दोजहद और जान हथेली पर रखकर यात्रा करने को मजबूर दिखाई पड़ते हैं। इस मामले में यात्री अभी भी अपने को ठगा महसूस करते हैं। हालांकि सफाई व्यवस्था, सोशल नेटवर्किंग साइट से परेशानी दूर होने, अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए मिले प्लेटफार्म, स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा मिलने से खुश भी है।
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यह परेशानी नहीं हुईं कम
कन्फर्म बर्थ आज भी परेशानी का सबब
रेलवे बजट की ज्यादातर घोषणाओं पर अमल तो शुरू हो गया है, लेकिन ट्रेनों में आम आदमी की समस्या कम नहीं हुई। मांग के अनुसार आरक्षित टिकट नहीं मिलना सबसे बड़ी परेशानी है। रेलवे का विजन 2020 तक आम आदमी के लंबे समय से चली आ रही आशा को पूरा करना है, जिसमें ट्रेनों में आरक्षित जगह मांग पर उपलब्ध कराना मुख्य है। तत्काल कोटा से भी यात्रियों को राहत नहीं मिली है।

ट्रेनों की सुस्त रफ्तार
बुलेट व सेमी हाई स्पीड ट्रेन की योजना ने गति तो पकड़ी लेकिन ट्रैक पर अभी भी ट्रेन रफ्तार नहीं पकड़ सकी। रेलवे का यह भी कहना है कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण, जो 2019 तक होना है, इससे ट्रेनें समय पर चलने लगेगी। क्योंकि माल गाड़ी इस कॉरिडोर के निर्माण के बाद अलग पटरियों पर चली जाएंगी। रेलवे की इस लंबी योजना को लेकर जन प्रतिनिधि व सांसद से अपने-अपने क्षेत्र की जनता सवाल पूछ रही है। लोकल ट्रेन की रफ्तार के सुस्त होने के कारण भी यात्री परेशान रहते हैं।
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क्या है उपलब्धियां

सोशल नेटवर्किंग के ट्रैक पर दौड़ रही है रेलवे
यात्रियों को अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए सोशल नेटवर्किंग का प्लेटफार्म मिल गया है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु खुद ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम के मार्फत यात्रियों की परेशानी चलती ट्रेन में दूर कर रहे हैं। रेलवे की इस पहल से यात्री भी खुश हैं।

स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा
रेलवे की वाई-फाई देने की योजना से यात्री खुश नजर आ रहे हैं। रेलवे की योजना है कि इस साल सौ स्टेशन को इससे लैस कर दिया जाएगा और अगले साल चार सौ स्टेशनों पर यह सुविधा मिलने लगेगी। 

ऑन बोर्ड हाउस कीपिंग
स्वच्छ भारत मिशन में रेलवे चकाचक दिख रहा है। स्टेशनों की सफाई तो बेहतर हो रही है। साथ ही ट्रेनों में बेहतर सफाई के लिए ऑन बोर्ड हाउस कीपिंग की सुविधा दी जा रही है। बॉयो टॉयलेट व वैक्यूम टॉयलेट भी दिए जा रहे हैं। 

सेमी हाईस्पीड से बुलेट की आस बढ़ी
दिल्ली-आगरा रूट पर सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलने से बुलेट ट्रेन चलने की संभावना भी दिखने लगी है। रेलवे मंत्रालय इसे लेकर काफी संजीदा भी है। इसी तरह दिल्ली-चंडीगढ़ रूट पर भी हाई स्पीड चलाने की कवायद के लिए रेलवे पूरे गति से काम कर रहा है।

शुद्ध पानी से राहत
रेलवे ने किफायती दरों पर पीने का शुद्ध पानी मुहैया कराया है। स्टेशनों पर 1600 वाटर वेंडिंग मशीनें लगाने के लिए लाइसेंस आवंटित किए गए हैं। पहले चरण में 381 स्टेशनों पर मशीन लगनी हैं। 175 पर लग गई है। हालांकि 37 स्टेशनों पर ही यात्रियों को इस सुविधा का लाभ मिल रहा है। एक रुपये में एक ग्लास आरओ वाटर यात्रियों को उपलब्ध कराया जा रहा है।

विकल्प योजना की शुरुआत
वेटिंग टिकट वालों के लिए विकल्प योजना से राहत दी जा रही है। सात रूट पर इसकी शुरुआत की गई है। इसका फायदा यह है कि किसी अन्य ट्रेन में बर्थ खाली रहने पर वेटिंग वालों को कन्फर्म बर्थ मिल रही है।
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