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Parliament: 'पांच साल में गड्ढों से होने वाली मौतों में 53 फीसदी का इजाफा', सरकार ने संसद को दी जानकारी

Sat, 14 Feb 2026 07:05 AM IST
निर्मल कांत ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

पिछले पांच साल में भारत में गड्ढों की वजह से होने वाले सड़क हादसों में मौत का आंकड़ा 53 फीसदी बढ़ा है। साल 2020 से 2024 के बीच कुल 9,438 लोगों को जान गंवानी पड़ी। उत्तर प्रदेश सबसे प्रभावित रहा, जहां अकेले 2024 में 1,369 मौतें हुईं। पढ़ें रिपोर्ट- 
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सड़क पर गहरे गड्ढे (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भारत में गड्ढों की वजह से होने वाले सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या पांच साल में 53 फीसदी बढ़ी है। 2020 से 2024 के बीच कुल 9,438 लोगों की जान गई। यह जानकारी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद को दी।
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आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित राज्य रहा, जहां कुल मौतों का 54 फीसदी से अधिक हिस्सा दर्ज हुआ। 2021 में थोड़ी गिरावट के बाद मौतों की संख्या लगातार बढ़ती गई। सालाना 2020 में 1,555 मौतें हुईं। यह 2021 में घटकर 1,481 रह गईं। इसके बाद यह आंकड़ा 2022 में 1,856, 2023 में 2,161 और 2024 में बढ़कर 2,385 तक जा पहुंच गया। यूपी में इस दौरान कुल 5,127 मौतें दर्ज हुईं। केवल 2024 में 1,369 लोगों की जान गई, जो देश के कुल आंकड़े का  आधे से अधिक है। मध्य प्रदेश में 969, तमिलनाडु में 612 और पंजाब में 414 मौतें दर्ज की गईं। वहीं आंध्र, बिहार व गोवा में इस अवधि में गड्ढों से जुड़ी कोई दुर्घटना  दर्ज नहीं हुई। देशभर में 23,056 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 19,956 लोग घायल हुए।

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केंद्र ने लागू की सुधार व्यवस्था
गडकरी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है, जबकि राज्य सरकारें अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों का रखरखाव करती हैं।  केंद्र ने मौजूदा एनएच नेटवर्क के प्राथमिकता देते हुए जवाबदेह एजेंसियों के जरिये वक्त पर सुधार की व्यवस्था लागू की है।


 
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