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Kerala Human Sacrifice: विनम्र व्यवहार के आरोपी की हैवान बनने की कहानी, FB पर पोस्ट करता था जापानी कविताएं

Fri, 14 Oct 2022 10:03 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि

सार

कोच्चि से लॉटरी टिकट विक्रेता महिला को मानव बलि के लिए 26  सितंबर को मोहम्मद शफी डॉक्टर दंपती के पास लेकर गया थ। पठानमथिट्टा के एलांथुर गांव में महिला की बलि के लिए वीभत्स तरीके से हत्या कर शरीर के 56 टुकड़े किए। इस घटना के बाद से पथानामथिट्टा में एलांथुर गांव के लोग सदमे में हैं।
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मानव बलि का आरोपी भगवल सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कोच्चि में दो महिलाओं की मानव बलि के लिए वीभत्स हत्या के मामले में एक आरोपी भगवल सिंह को लेकर पुलिस पूछताछ के दौरान नए खुलासे हुए हैं। वह फेसबुक पर अक्सर अक्सर कविताएं पोस्ट किया करता  और  खुद को वैद्य(आयुर्वेदिक डॉक्टर) बताता था। शहर में एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाने जाने वाला आरोपी भगवल सिंह विनम्र व्यवहार वाला व्यक्ति माना जाता था। लेकिन इस घटना के बाद सभी स्तब्ध है। 
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महिलाओं के प्राइवेट पार्ट रखने के शौक है आरोपी को
कोच्चि से लॉटरी टिकट विक्रेता महिला को मानव बलि के लिए 26  सितंबर को मोहम्मद शफी डॉक्टर दंपती के पास लेकर गया थ। पठानमथिट्टा के एलांथुर गांव में महिला की बलि के लिए वीभत्स तरीके से हत्या कर शरीर के 56 टुकड़े किए। इस घटना के बाद से पथानामथिट्टा में एलांथुर गांव के लोग सदमे में हैं। पुलिस जांच में ऐसे भी तथ्य सामने आए है कि बलि देने के बाद आरोपी ने महिला का मांस भी खाया। महिला के प्राइवेट पार्ट्स पर चोटों के निशान मिले हैं। पुलिस ने उसे मनोरोगी करार देते हुए बताया कि उसे महिलाओं की हत्या करने के बाद उनके प्राइवेट पार्ट रखने का शौक हैं। 

आर्थिक हालत सुधारने का दिया लालच
इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी मुख्य आरोपी मुहम्मद शफी है। जिसे पुलिस  "यौन विकृत" और तात्रिंक बताया है। इसने डॉक्टर दंपती भगवल सिंह और लैला को जाल फंसाकर वित्तीय परेशानियों को समाप्त करने के लिए "मानव बलिदान" करने के लिए तैयार किया। उनके पड़ोसियों के मुताबिक, "दंपति अच्छी तरह से पढ़े-लिखे थे और संपन्न थे। किसी को भी इस मानसिकता का अंदाजा नहीं था। वे इस तरह के स्तर तक गिरने वाले नहीं थे।" वह चिकित्सकों के एक सम्मानित परिवार से ताल्लुक रखते है। एक अन्य पड़ोसी आनंदन ने कहा, "हमने उन्हें कभी किसी से उत्तेजित तरीके से बात करते नहीं सुना। उनके पूर्वज बहुत प्रसिद्ध पारंपरिक मालिश करने वाले थे। पुराने दिनों में लोग अस्पतालों के बजाय उनके पास जाते थे।"
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सामाजिक कार्यकर्ताओं के तौर भी जाने जाते है
भगवल सिंह सीपीएम से जुड़े हुए थे, लेकिन पार्टी ने उनके सदस्य होने से इनकार किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि वह इलाके में पार्टी के काम में सक्रिय था। उनका फेसबुक पेज "हाइकू"  कविताओं से भरा हुआ  है, जो एक जापानी कविता का रूप है। फेसबुक पर मलयालम में दो गुप्त कविताएं पोस्ट कीं। कोच्चि पुलिस अधीक्षक नागराजू ने बताया कि भगवल सिंह का नाम उनके प्रगतिशील परिवार द्वारा महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के नाम पर रखा गया था। लैला उनकी दूसरी पत्नी थीं। सिंह की पहली शादी से एक बेटी और उनका बेटा है। दोनों विदेश में रहते हैं। 
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