फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pakistan : पाकिस्तान में अक्तूबर में आम चुनाव की संभावना, सूत्रों ने किया दावा- पक्ष-विपक्ष के बीच होगी वार्ता

Mon, 25 Jul 2022 12:07 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, इस्लामाबाद (पाकिस्तान)।

सार

पीटीआई के पंजाब में उपचुनाव जीतने के बाद पीएमएल-एन नेता और गृह मंत्री राना सनाउल्लाह ने लाहौर में मीडिया से वार्ता में कहा था, आम चुनाव जल्द कराए जा सकते हैं, लेकिन इसका फैसला गठबंधन की पार्टियों से वार्ता के बाद ही होगा।
 
विज्ञापन
पाकिस्तान का झंडा - फोटो : Social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सत्ताधारी गठबंधन और विपक्षी पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के बीच आम चुनाव कराने पर बातचीत होनी है। स्थानीय मीडिया सूत्रों का कहना है कि आम चुनाव अक्तूबर में कराए जा सकते हैं।

विज्ञापन


एरे न्यूज के मुताबिक, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेतृत्व वाली सरकार, गठबंधन पार्टियों और पीटीआई के बीच अब तारीखों पर बातचीत होगी। मुल्क के सामने राजनीतिक और आर्थिक संकट के मद्देनजर यह जरूरी हो गया है। सूत्रों का कहना है कि सेना सरकार और विपक्ष के बीच वार्ता में मध्यस्थता करेगी। पीटीआई के पंजाब में उपचुनाव जीतने के बाद पीएमएल-एन नेता और गृह मंत्री राना सनाउल्लाह ने लाहौर में मीडिया से वार्ता में कहा था, आम चुनाव जल्द कराए जा सकते हैं, लेकिन इसका फैसला गठबंधन की पार्टियों से वार्ता के बाद ही होगा।

इससे पहले इमरान खान ने कहा था कि देश में चुनाव निष्पक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) की देखरेख में ही कराए जाने चाहिए। उन्होंने दावा किया था, साजिश रचकर मनचाही सरकारें जनता पर थोपी जा रही हैं। इसलिए चुनाव जल्द से जल्द कराए जाने चाहिए। अन्यथा लोकतंत्र को धक्का पहुंचेगा। अपनी पूर्ववर्ती सरकार पर अक्षमता के आरोप पर इमरान ने कहा, हम साढ़े तीन साल से ये आरोप सुन रहे हैं। मेरी एकमात्र मांग निष्पक्ष सीईसी की देखरेख में चुनाव कराने की है।
विज्ञापन


सरकार गिराने की साजिश की जांच के लिए बने आयोग
इमरान खान ने आरोप लगाया कि पीटीआई सरकार को साजिश रचकर गिराया गया। इसकी जांच लिए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोग का गठन होना चाहिए। मीडिया से उन्होंने कहा, एक चुने हुए प्रधानमंत्री को साजिश रचकर हटाया गया। सभी संस्थानों को इस पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यह देश के लिए बड़ा धक्का हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें