ट्रेनों में खाने की चीजों के ज्यादा दाम वसूले जाने जैसी शिकायतें रेलवे के पास बढ़ती जा रही थीं। अब रेलवे ने ऐसी शिकायतों से निपटने का तरीका एक निकाल लिया है। आईआरसीटीसी ने इसके लिए ट्रेनों में पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनें लगाने का फैसला किया है। यानि अगर सफर के दौरान वेंडर बिल नहीं देते हैं तो यात्री पैसे देने से मना भी कर सकते हैं। यदि यात्री कैटरर्सकी शिकायत करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
26 ट्रेनों से होगी शुरूआत
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (
आईआरसीटीसी) के अनुसार, इस योजना को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। पहले 26 ट्रेनों में 100 पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी। फिलहाल पायलट योजना के तौर पर बंगलूरू-नई दिल्ली कर्नाटक एक्सप्रेस में इसका ट्रायल चल रहा है।
यहां जारी बयान के मुताबिक, इस कदम से न सिर्फ यात्रियों को जरूरी जानकारी मिल सकेगी बल्कि उनकी संतुष्टि के स्तर में भी सुधार होगा। रेलवे के पास सबसे ज्यादा शिकायतें ट्रेनों के मैन्यू और खाने की ज्यादा कीमतों को लेकर आती हैं। योजना के अनुसार, शुरुआत में हर ट्रेन में दो पीओएस मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके बाद लोगों की प्रतिक्रिया और इस्तेमाल के आधार पर इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।
निगरानी के लिए अधिकारी भी होंगे तैनात
आईआरसीटीसी कैटरिंग सेवाओं पर निगरानी रखने के लिए
ट्रेनों में अपने अधिकारियों को भी तैनात करेगा। इन लोगों के पास टैबलेट होंगे और वे मौके पर ही यात्रियों का फीडबैक लेंगे। पीओएस मशीन को चलाने की ट्रेनिंग आईआरसीटीसी के नोएडा स्थित सेंट्रल किचन में दी जाएगी।