19 मई, 2024 को, शराब के नशे में कथित रूप से 17 वर्षीय लड़के ने अपनी पोर्श कार से पुणे के कल्याणी नगर इलाके में दो आईटी पेशेवरों को टक्कर मार दी थी जिससे उनकी मौत हो गई थी। इसी मामले में जेजेबी ने किशोर को जमानत दी थी।
पुणे पोर्श कार दुर्घटना मामले में किशोर न्याय बोर्ड के दो बर्खास्त सदस्यों की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह इस मामले में शामिल एक किशोर आरोपी को दी गई जमानत के संबंध में राज्य सरकार ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दी थी जिसे बर्खास्त दो सदस्यों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
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पिछले साल अक्तूबर में सरकार ने किशोर न्याय अधिनियम के तहत प्रतिक्रियात्मक खामियों और शक्तियों के दुरुपयोग का हलावा देते जुवेनाईल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) सदस्यों एलएन दानवड़े और कविता थोराट की सेवाएं समाप्त कर दी थी। यह कार्रवाई महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) विभाग की जांच के बाद की गई, जिसमें उन्हें किशोर को जमानत देते समय कदाचार और मानदंडों का पालन न करने का दोषी पाया गया था। इसके खिलाफ दानवड़े और थोराट ने वकील हर्षवर्धन पवार के माध्यम से हाईकोर्ट का रुख किया। इस मामले में जस्टिस एएस चंदुरकर व जस्टिस एमएम सथाये की पीठ ने 23 अप्रैल को राज्य डब्ल्यूसीडी विभाग को नोटिस जारी किया है। इस मामले में अगली सुनवाई 18 जून को होगी। थोराट ने अपनी याचिका में दावा किया था कि सरकार ने पिछले साल जून में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसका उन्होंने जवाब दिया था। फिरभी उन्हे बर्खास्त कर दिया गया। लेकिन, जांच रिपोर्ट की प्रति याचिकाकर्ता को नहीं दी गई। इसलिए किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी), उनकी बर्खास्तगी अवैध है।
क्या है मामला
19 मई, 2024 को, शराब के नशे में कथित रूप से 17 वर्षीय लड़के ने अपनी पोर्श कार से पुणे के कल्याणी नगर इलाके में दो आईटी पेशेवरों को टक्कर मार दी थी जिससे उनकी मौत हो गई थी। इसी मामले में जेजेबी ने किशोर को जमानत दी थी। हालांकि लोगों के आक्रोश के बाद पुणे पुलिस ने किशोर को बाल सुधार गृह भेज दिया था और इस मामले में लड़के के माता-पिता और दो डॉक्टर सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जो रक्त के नमूने की अदला-बदली के मामले में जेल में हैं।