केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि देश की प्रजनन दर (टीएफआर) 2.1 है। इसलिए कानून की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि अधिकांश राज्यों में प्रजनन की दर 2.1 है। महज 7 राज्यों की टीएफआर दर ज्यादा है। इसपर नियंत्रण के लिए 147 जिलों में विशेष अभियान शुरू किया गया है।
हर जिले के लिए अलग-अलग माइक्रो प्लान बनाकर, परिवार नियोजन के सभी तरीकों को आमजन में लोकप्रिय बनाया जा रहा है। हालांकि केंद्रीय मंत्री ने यह स्वीकार किया कि यूपी, बिहार और मेघालय में जनसंख्या वृद्धि की दर चिंतनीय है, लेकिन इसके लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
गिरिराज सिंह के जरिए आंदोलन की ऐलान
एक ओर केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री देश की प्रजनन दर को काबू में बताते हुए कानून की आवश्यक्ता से इंकार कर रहे हैं, तो दूसरी ओर सरकार के दूसरे मंत्री गिरिराज सिंह ने कड़े जनसंख्या कानून की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान कर रखा है।
उन्होंने कहा है कि आंदोलन की शुरूआत वे अपनी संसदीय सीट नवादा से करेंगे और सरकार से कड़ा कानून बनाने की मांग रखेंगे। उनका कहना है कि देश के हिन्दू हों या मुस्लिम सभी को दो ही बच्चे पैदा करने चाहिए।
गिरिराज का कहना है कि जनसंख्या की बढ़ोत्तरी नहीं थमेगी तो देश का विकास नहीं होगा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए बढ़ती जनसंख्या को लेकर अभियान भी चला रखा है। ट्वीट के जरिए वे रोजाना देश की बढ़ती जनसंख्या का आंकड़ा देश के सामने पेश करते हैं। तो जनता से बढ़ती जनसंख्या के खिलाफ आवाज उठाने की अपील करते हुए लिखते हैं कि बढ़ती जनसंख्या आपके हिस्से का विकास और आपके हिस्से का अमन चैन छीन रही है।