केंद्र और राज्य मिलकर उठाएंगे खर्च
अधिकारियों ने बताया कि इस योजना को लागू करने में जो खर्च आएगा, उसका भार केंद्र और राज्य दोनों मिलकर उठाएंगे। सामान्य राज्यों में कुल खर्च का 75 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि राज्य सरकारों को 25 फीसदी हिस्सा देना होगा। वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों में केंद्र सरकार कुल खर्च का 90 फीसदी हिस्सा वहन करेगी, जबकि राज्यों की हिस्सेदारी 10 फीसदी होगी।
नीति आयोग की है योजना
केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने बीते शनिवार को ही बताया कि पोषक तत्वों से भरपूरचावलों की आपूर्ति आगामी खरीफ मौसम की धान कटाई के बाद से होगी। इस योेजना का खाका नीति आयोग ने खींचा है ताकि देश को कुपोषण मुक्त किया जा सके। सरकार ने इस योजना को 14 फरवरी, 2019 को ही मंजूरी दे दी थी। इसे लागू करने की कार्ययोजना भी बना ली गई है।