पुलवामा हमले के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। मंगलवार को भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए जिसके बाद से दोनों देशों के बीच तल्खी बढ़ गई है। इसी बीच भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बुधवार को अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियों के साथ फोन पर बातचीत की।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, 'सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार आजीत डोभाल ने अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियों के साथ पिछली रात को फोन पर बात की है। पॉम्पियों का कहना है कि वह पाकिस्तानी जमीन पर मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंप के खिलाफ उठाए गए भारत के निर्णय का समर्थन करता है।'
इससे पहले पाकिस्तान ने भारत के हवाई हमलों का जवाब देने के लिए भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश की थी। जिसे सजग भारतीय वायुसेना ने पलटवार करते हुए चंद मिनटों में खदेड़ दिया और उसके एफ16 लड़ाकू विमान को भी मार गिराया। इस कार्रवाई में भारत का भी एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया औऱ विमान के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तान ने अपने कब्जे में ले लिया है।
वहीं अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला का कहना है कि भारत किसी भी आतंकवादी कृत्य पर चुप नहीं रहेगा और आतंकवाद की सभी घटनाओं का ‘माकूल जवाब’ देना भारत के लिए कोई नई बात नहीं है। श्रृंगला ने ग्रेटर वॉशिंगटन क्षेत्र के विभिन्न विश्वविद्यालयों के भारतीय छात्रों के साथ अपनी तरह की पहली बातचीत में कहा कि पाकिस्तान को उसकी जमीन पर सक्रिय आतंकवादी नेटवर्कों और पनाहगाहों को नष्ट करने की अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता पूरी करनी चाहिए।
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद भारत ने नियंत्रण रेखा से करीब 80 किलोमीटर दूर पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा के बालाकोट में जेईएम के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर पर मंगलवार तड़के बम गिराकर उसे नष्ट कर दिया। इसमें ‘बड़ी संख्या’ में आतंकवादी मारे गए। श्रृंगला ने बताया कि पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद भारत ने इस तरह कर कार्रवाई का रास्ता क्यों चुना।