केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की योजना दिल्ली एनसीआर में पांच प्रदूषण नियंत्रण टॉवर लगाने की हैं, लेकिन फंड की कमी के चलते यह रुक गई है। इस योजना के तहत पांच एलआईडीएआर (लाइट डिटेक्शन एंड रैंगिंग) उपकरण लगने हैं। इसमें लेजर लाइट आसमान की ओर भेजी जाती है। यह हवा में मौजूद कणों से टकराती, अवशोषित, परावर्तित होती है। इससे हवा में मौजूद कणों और प्रदूषण का पता चलता है।
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बोर्ड के एक अधिकारी के मुताबिक हर उपकरण की कीमत 60 से 70 लाख रुपये है, लेकिन 40 करोड़ सालाना बजट वाले सीपीसीबी के लिए यह बड़ी रकम है। इसलिए यह योजना अधर में लटक गई है।